बड़ी हस्तियों की मौजूदगी में साहित्य, संस्कृति और लोकधुनों का संगम होने को तैयार
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l अमनौर (सारण)। भोजपुरी भाषा, साहित्य और लोक संस्कृति को नई पहचान दिलाने वाला अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन अपना 28वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन इस साल 29–30 नवंबर 2025 के बीच अमनौर में भव्य रूप से आयोजित करेगा। दो दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम साहित्य, संगीत, विचार-विमर्श और सम्मान समारोह के स्वरूप में एक बड़ा सांस्कृतिक पर्व बनने जा रहा है। आयोजन की कमान डा. संजय मयूख, राष्ट्रीय सह-मीडिया प्रमुख व प्रवक्ता, मुख्य सचेतक (भाजपा) बिहार विधान परिषद के हाथों में है।

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में होगा उद्घाटन व समापन
सम्मेलन में कई प्रमुख हस्तियाँ शिरकत करेंगी। उद्घाटन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य उद्घाटनकर्ता होंगे। समारोह में बिहार सरकार के मंत्री अरुण थेकर प्रसाद, नितिन नवीन, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल एवं संजय सिंह टाइगर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
समापन सत्र की जिम्मेदारी डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल निभाएँगे।
इसके अलावा पूर्व सांसद सतीश चंद्र दुबे (चंद्र दुबे) भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
दो दिन चलेगा साहित्य और संस्कृति का उत्सव
सम्मेलन के पहले दिन 29 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।
पहले दिन की मुख्य गतिविधियाँ—
- स्थायी समिति की बैठक
- उद्घाटन समारोह
- सम्मान समारोह
- पुरस्कार वितरण
- शाम 5 बजे से सांस्कृतिक संध्या
यह सांस्कृतिक संध्या इस आयोजन का मुख्य आकर्षण मानी जा रही है, जिसमें भोजपुरिया लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
दूसरे दिन साहित्य का गहन विमर्श
30 नवंबर को दोपहर 1:00 बजे से साहित्यिक कार्यक्रमों का दौर शुरू होगा।
दूसरे दिन के कार्यक्रमों में—
- साहित्यिक संगोष्ठी
- समापन समारोह
- प्रतिनिधियों का सम्मान
- भव्य कवि सम्मेलन
इस दौरान देशभर से आए कवि, लेखक और शोधकर्ता भोजपुरी साहित्य के विभिन्न आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
बड़े कलाकार भी करेंगे जलवा बिखेरने
कार्यक्रम में भोजपुरी संस्कृति के कई बड़े सितारे वातावरण को लोकधुनों से सराबोर करेंगे।
- आलोक पांडेय (लोक गायक)
- कल्पना पटवारी (लोकगायिका)
- मनोज तिवारी (सांसद, उत्तर-पूर्वी दिल्ली)
- अक्षरा सिंह (अभिनेत्री)
- मनीषा श्रीवास्तव (लोकगायिका)
- मास्टर विकास (सूर संग्राम फेम)
उनकी प्रस्तुति से सांस्कृतिक संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।
भोजपुरी साहित्य को मिलेगा नया आयाम
अधिवेशन से उम्मीद की जा रही है कि यह भोजपुरी भाषा और साहित्य को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा देगा। दो दिनों तक चलने वाला यह आयोजन न केवल साहित्यकारों को साझा मंच देगा, बल्कि भोजपुरी संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।






