Saran News: सारण में राजस्व कार्यों की समीक्षा: मंत्री दिलीप जायसवाल ने लंबित मामलों पर जताई नाराजगी, त्वरित निष्पादन का दिया निर्देश

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ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस और ई-मापी की प्रगति पर सवाल; अंचलाधिकारियों को जवाबदेही तय कर सुधार लाने के निर्देश

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l छपरा।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सारण जिले में चल रहे विभिन्न राजस्व कार्यों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने लंबित मामलों के निष्पादन की धीमी गति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्यों के निष्पादन का निर्देश दिया।

बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी ऑनलाइन जुड़कर अपनी राय और सुझाव रखे। मंत्री ने कहा कि आम लोगों को राजस्व सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “सहयोग शिविर” के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सारण जिले में कुल 1767 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 1418 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। मंत्री ने शेष लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आवेदन का समाधान पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाए।

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ऑनलाइन म्यूटेशन मामलों की समीक्षा में गरखा और सोनपुर अंचल का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया। इस पर मंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में देरी आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती है, इसलिए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

बैठक में राजस्व कर्मचारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने सभी अंचलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की कार्यशैली और उपलब्धियों की लगातार निगरानी करें। उन्होंने कहा कि किसी भी अंचल में राजस्व कार्यों की स्थिति के लिए संबंधित अंचलाधिकारी सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे।

परिमार्जन प्लस के तहत लंबित मामलों की समीक्षा में भी संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर मंत्री ने असंतोष जताया। उन्होंने विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। वहीं ई-मापी पोर्टल के माध्यम से भूमि मापी कार्यों की समीक्षा में जलालपुर, मशरक, बनियापुर और एकमा अंचलों में अधिक लंबित मामले पाए गए। मंत्री ने निर्देश दिया कि भूमि मापी का कार्य पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से कराया जाए और उपलब्ध अमीनों की क्षमता का पूर्ण उपयोग करते हुए लंबित मामलों को शीघ्र समाप्त किया जाए।

बैठक में अभियान बसेरा-2 के अंतर्गत अस्वीकृत आवेदनों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि पात्र लाभुक किसी भी स्थिति में योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने चाहिए। इसके लिए मांझी और सोनपुर अंचल में अस्वीकृत 10-10 आवेदनों की रैंडम जांच अपर समाहर्ता द्वारा कराने का निर्देश दिया गया।

इसके अलावा राजस्व महाअभियान के तहत सभी आवेदनों की स्कैनिंग कर ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करने, फार्मर रजिस्ट्री कार्य में सुधार लाने तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि हर महीने नए मामलों की तुलना में अधिक मामलों का निष्पादन कर लंबित वादों की संख्या घटाई जाए।

बैठक में विधायक जनक सिंह, केदार सिंह तथा विधान पार्षद सच्चिदानंद राय ने भी जनता से जुड़ी समस्याओं और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव रखे। मंत्री ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में वैभव श्रीवास्तव, अपर समाहर्ता, बंदोबस्त पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता तथा जिले के सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।

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