Police Colony Siwan: पुलिस निरीक्षक आवास परिसर में अतिक्रमण: शेड गिराकर बनाई कार पार्किंग, बच्चों के खेल मैदान में खड़ी हो रहीं कूड़ा गाड़ियां, कर्मियों में नाराजगी

Share

नगर परिषद के वार्ड पार्षद पर सरकारी परिसर के दुरुपयोग का आरोप, पुलिसकर्मियों ने उठाए सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े सवाल

क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l सिवान।

शहर के पुलिस निरीक्षक मुफ्फसिल प्रभाग के आवास परिसर को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सरकारी आवासीय परिसर में नगर परिषद की गतिविधियों के बढ़ते दखल और कथित अतिक्रमण को लेकर यहां रहने वाले पुलिस विभाग के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारियों का आरोप है कि जिस परिसर का उपयोग पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के आवासीय एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए, वहां नगर परिषद द्वारा धीरे-धीरे कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है। https://youtu.be/lArj8MF10XI?si=l97on06CADFXfgts

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, परिसर में पहले से मौजूद एक शेड को गिराकर वहां कार पार्किंग की व्यवस्था बना दी गई है। आरोप है कि इस पार्किंग स्थल का उपयोग नगर परिषद के एक वार्ड पार्षद द्वारा अपनी निजी गाड़ी रखने के लिए किया जा रहा है। सरकारी भूमि पर निजी उपयोग के इस कथित मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बच्चों के खेल मैदान में लग रही कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां

विवाद का दूसरा और अधिक गंभीर पहलू परिसर के खुले मैदान से जुड़ा है। यह मैदान वर्षों से यहां रहने वाले पुलिस कर्मियों के बच्चों के खेलने और सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग में आता रहा है। अब इसी मैदान में नगर परिषद द्वारा कूड़ा-कचरा उठाने वाली गाड़ियों को खड़ा किया जाने लगा है।

पुलिस कर्मियों का कहना है कि कूड़ा संग्रहण में प्रयुक्त वाहनों की आवाजाही और पार्किंग से न केवल बच्चों के खेलने की जगह प्रभावित हुई है, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि आवासीय परिसर के भीतर इस प्रकार की गतिविधियां उचित नहीं हैं और इससे परिवारों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

- Sponsored -

सीआईडी कार्यालय भी संचालित, फिर भी नहीं रुक रही गतिविधियां

गौरतलब है कि इसी आवास परिसर में हाल के दिनों में सीआईडी विभाग का कार्यालय भी संचालित होना शुरू हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से यह परिसर और अधिक संवेदनशील हो गया है। इसके बावजूद नगर परिषद की गाड़ियों की आवाजाही और कथित अतिक्रमण जारी रहने से विभागीय कर्मी हैरान हैं।

कर्मियों का कहना है कि जहां एक ओर परिसर में महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय संचालित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर गैर-प्रशासनिक गतिविधियों को अनुमति मिलना सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़ा करता है। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

कर्मचारियों में बढ़ रहा असंतोष

आवास परिसर में रहने वाले कई पुलिसकर्मियों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों तक अपनी चिंता पहुंचाने का प्रयास किया है। उनका कहना है कि सरकारी परिसर की गरिमा और उपयोगिता को बनाए रखना आवश्यक है। यदि आवासीय क्षेत्र को नगर परिषद के वाहन पड़ाव या निजी पार्किंग स्थल में बदल दिया जाएगा तो इससे विभागीय कार्य संस्कृति और कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

अब सबकी नजर एसपी के रुख पर

इस पूरे मामले को लेकर लोगों की निगाहें अब सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा पर टिकी हुई हैं। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यदि जिला पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेता है तो सरकारी परिसर की मूल स्थिति बहाल हो सकती है। वहीं यह भी अपेक्षा की जा रही है कि नगर परिषद और पुलिस विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31