मानसून, स्वास्थ्य, रेलवे परियोजना और बकरीद तैयारी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l छपरा :
सारण जिला प्रशासन शनिवार को पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में दिनभर विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकें और स्थलीय निरीक्षण हुए। मानसून से पहले जलजमाव की समस्या से निपटने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, रेलवे की बड़ी परियोजना पर प्रारंभिक चर्चा तथा बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मानसून से पहले जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने पूरे छपरा शहर का स्थलीय निरीक्षण कर नाला सफाई और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अधूरे नाला निर्माण एवं सफाई कार्य हर हाल में 31 मई तक पूरे किए जाएं। साढ़ा ढाला, कदम चौक, मठिया मोड़, रामनगर, भुतहा ढाला, करीमचक और पटेल छात्रावास क्षेत्र सहित कई संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया गया।
नगर निगम, बुडको, पुल निर्माण निगम और पथ निर्माण विभाग को समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया गया। कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने और कल्वर्ट की सफाई को भी प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने नालों में जाली लगाने तथा सुपर सकर मशीन से गाद निकालने का निर्देश भी दिया।

सदर अस्पताल में डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय
रोगी कल्याण समिति की बैठक में मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। सदर अस्पताल के ओपीडी में दो कमरों के उन्नयन, डिजिटल टोकन डिस्प्ले सिस्टम, डिजिटल साइनेज, इंटरकॉम व्यवस्था और पीए सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा डिजिटल डेंटल एक्स-रे, टीवी डिस्प्ले और ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर के सौंदर्यीकरण की योजना भी स्वीकृत हुई। सीसीटीवी बैकअप अवधि को 15 दिनों से बढ़ाकर एक माह करने का फैसला लिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को स्वच्छ और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सात प्रखंडों पर नाराजगी
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में पूर्ण टीकाकरण की स्थिति पर चर्चा हुई। जिले का औसत टीकाकरण 91 प्रतिशत पाया गया, लेकिन सोनपुर, नगरा, लहलादपुर, जलालपुर, मशरख, परसा और तरैया प्रखंडों का प्रदर्शन 90 प्रतिशत से कम रहने पर जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों से जवाब तलब किया।
एचपीवी टीकाकरण अभियान में 45 हजार से अधिक लक्ष्य के विरुद्ध 35 हजार से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण होने पर संतोष जताया गया। वहीं संस्थागत प्रसव की कम संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए आशा कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया गया। जिले ने ऑनलाइन स्वास्थ्य रिपोर्टिंग में 99.4 प्रतिशत स्कोर के साथ राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त किया।

तीसरी-चौथी रेलवे लाइन परियोजना पर प्रारंभिक चर्चा
गोण्डा कचहरी से गोल्डनगंज तक प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। 378 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में बिहार के सारण और सीवान सहित उत्तर प्रदेश के पांच जिले शामिल होंगे।
सारण जिले में करीब 49 किलोमीटर रेल लाइन प्रस्तावित है। बैठक में रेलवे अधिकारियों ने एलाइनमेंट, पुल, रोड अंडर ब्रिज और बाईपास निर्माण की प्रारंभिक रूपरेखा प्रस्तुत की। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को संयुक्त भौतिक सत्यापन और भू-अर्जन की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया।
बकरीद को लेकर शांति समिति की बैठक
आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में साफ-सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्ती बढ़ाने और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी सदस्यों से आपसी समन्वय और त्वरित सूचना आदान-प्रदान बनाए रखने की अपील की गई।






