महाराजगंज में 102वीं जयंती पर स्मारक पर समारोह, सांसद-विधायकों ने कर्पूरी ठाकुर को बताया सामाजिक न्याय का प्रतीक
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। महाराजगंज (सिवान)। भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती के अवसर पर जननायक कर्पूरी ठाकुर समिति के तत्वावधान में अनुमंडल मुख्यालय स्थित कर्पूरी पथ पर बने स्मारक पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में स्थानीय सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक हेमनारायण साह, विधायक देवेशकांत सिंह, मांझी विधायक रणधीर सिंह, स्मारक समिति के अध्यक्ष सह जदयू नेता सत्येंद्र ठाकुर, जदयू जिलाध्यक्ष चन्द्रकेतु सिंह, मुर्तजा अली कौसर, मुज्जफर ईमाम, जदयू नेता अभिमन्यु सिंह, विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर आशीष, भाजयुमो जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, नगर भाजपा अध्यक्ष अमरजीत सिंह, डॉ. त्रिपुरारी शरण सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, संजय सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रशासनिक स्तर से एसडीओ अनीता सिन्हा, एसडीपीओ अमन, बीडीओ बिंदु कुमार तथा सीओ जितेंद्र कुमार ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सांसद बोले – बिहार की अमूल्य धरोहर थे कर्पूरी ठाकुर
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर बिहार की अमूल्य धरोहर थे। वे हमेशा बिहार और बिहारियों के हित में सोचते थे। उन्होंने कभी ऊंच-नीच का भाव नहीं रखा और हर वर्ग के दुख-सुख में खड़े रहे। सांसद ने कहा कि उन्हें भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया जाना केवल कर्पूरी ठाकुर का नहीं, बल्कि बिहार के एक-एक व्यक्ति का सम्मान है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही सच्चे अर्थों में समाज का उत्थान संभव है।
विधायकों ने किया सामाजिक न्याय की विरासत को नमन
विधायकों ने अपने संबोधन में कहा कि कर्पूरी ठाकुर सामाजिक न्याय, समानता और सादगी के प्रतीक थे। उन्होंने पिछड़े और वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। आज भी उनकी नीतियां और विचार प्रासंगिक हैं, जिन्हें आत्मसात कर समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।
स्मारक समिति व नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
स्मारक समिति के अध्यक्ष सत्येंद्र ठाकुर और अन्य नेताओं ने कहा कि जननायक का जीवन संघर्ष, सेवा और सिद्धांतों का उदाहरण है। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा के क्षेत्र में आगे आना चाहिए।
शांति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण अनुशासित और भावनात्मक बना रहा। लोगों ने पुष्प अर्पित कर कर्पूरी ठाकुर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।






