पोस्टर प्रदर्शनी के जरिए प्रशिक्षुओं ने दिया ‘पढ़ेगा समाज, बढ़ेगा समाज’ का संदेश
शिक्षकों ने प्रौढ़ों को साक्षरता से जोड़ने पर दिया जोर
एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान।
सदर प्रखंड स्थित शुभवंती इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निरक्षर प्रौढ़ों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें साक्षरता की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पढ़ने-लिखने का अवसर मिलना चाहिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के वरीय शिक्षक संदीप कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण के साथ किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षुओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का स्वागत करते हुए प्रौढ़ शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब वहां के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा की पहुंच हो। प्रौढ़ों को साक्षर बनाना केवल उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता भी बढ़ती है।
इसके बाद बी.एड. एवं डी.एल.एड. के प्रशिक्षुओं ने प्रौढ़ शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रशिक्षुओं ने बताया कि शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाती है। विशेष रूप से प्रौढ़ शिक्षा उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो किसी कारणवश बचपन में औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रशिक्षुओं द्वारा लगाई गई पोस्टर प्रदर्शनी रही। पोस्टरों के माध्यम से ‘पढ़ेगा समाज, बढ़ेगा समाज’ का प्रभावी संदेश दिया गया। प्रदर्शनी में शिक्षा के महत्व, साक्षरता की आवश्यकता तथा समाज के विकास में शिक्षित नागरिकों की भूमिका को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। प्रशिक्षुओं ने अपने पोस्टरों के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि एक व्यक्ति की शिक्षा का लाभ केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के एचओडी राजीव रंजन श्रीवास्तव, मनोज कुमार पाल, चन्दन कुमार दूबे, पंकज कुमार मल्ल एवं दिनेश कुमार सहित संस्थान के समस्त शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की गतिविधियों में अपनी सहभागिता निभाई और प्रौढ़ शिक्षा के महत्व को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान की सहायक प्राध्यापिका आभा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, प्रशिक्षुओं एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शुभवंती इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में आयोजित यह कार्यक्रम प्रशिक्षुओं के लिए भी सीखने और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि साक्षरता केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सशक्त समाज और बेहतर भविष्य की आधारशिला है।






