Road Safety Crisis: सीवान के वॉलीबॉल खिलाड़ी मोहम्मद सुफियान की सड़क हादसे में मौत के बाद गांव में सन्नाटा, नीलगाय से टकराई थी बाइक

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हुसैनगंज के छाता गांव का 20 वर्षीय खिलाड़ी मैच खेलने जा रहा था

फरीदपुर के रमना गांव के पास अचानक सड़क पर आई नीलगाय बनी थी हादसे की वजह

अब ग्रामीणों ने उठाई प्रशासन से नीलगायों पर कार्रवाई की मांग

क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता। सीवान:
जिले के हुसैनगंज प्रखंड अंतर्गत छाता गांव के उभरते वॉलीबॉल खिलाड़ी मोहम्मद सुफियान (20 वर्ष) की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा रविवार, 14 जून 2026 को उस समय हुआ जब वह अपने गांव छाता से वॉलीबॉल मैच खेलने के लिए बाइक से जा रहे थे। https://youtu.be/Tdr3TrDl6V8?si=XOzqFIUPOqS30Pe8

रास्ते में मौलाना मजहरूल हक आशियाना के पास स्थित फरीदपुर के रमना गांव के समीप अचानक सड़क पर आई नीलगाय से उनकी तेज रफ्तार बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिवान सदर अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें गोरखपुर, और फिर उन्हें लखनऊ पीजीआई ले जाया गया । लखनऊ पीजीआई से वापस पटना में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। https://youtu.be/naBHmc-O9fo?si=FnIjHsh50SVGkXTE

बताते हैं कि मृतक मोहम्मद सुफियान, समसुल होदा उर्फ लड्डन के पुत्र थे और इलाके में एक प्रतिभाशाली वॉलीबॉल खिलाड़ी के रूप में पहचान रखते थे। स्थानीय युवाओं के बीच वह न केवल अपनी खेल प्रतिभा के लिए लोकप्रिय थे, बल्कि युवाओं को वॉलीबॉल की ट्रेनिंग भी देते थे। उनकी असमय मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, यह कोई पहली घटना नहीं है। रमना गांव और उसके आसपास के इलाके में नीलगायों और आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक नीलगाय या कुत्ते आ जाने से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर सफर करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है।

छाता गांव निवासी जैनुद्दीन शाह, सलाउद्दीन ठेकेदार, औरंगज़ेब, कमरुल होदा और नसीम आदि लोगों ने बताया कि मुख्य मार्ग के दोनों ओर दूर-दूर तक खेती योग्य जमीन फैली हुई है, जहां भारी संख्या में नीलगाय रहती हैं। ये न केवल किसानों की फसलें बर्बाद करती हैं, बल्कि अक्सर सड़क पार करने के दौरान राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से किसान और स्थानीय लोग इस समस्या को लेकर प्रशासन के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। छाता पंचायत के पूर्व मुखिया जुल्फिकार अली उर्फ भुट्टू ने भी जिला प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नीलगायों और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण किया जाए।

सुफियान की मौत ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान दिया जाता, तो शायद एक होनहार खिलाड़ी की जान बचाई जा सकती थी।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि फरीदपुर रमना गांव और आसपास के इलाकों में नीलगायों को सुरक्षित तरीके से हटाने, आवारा कुत्तों पर नियंत्रण करने और सड़क किनारे सुरक्षा उपाय बढ़ाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। ताकि आए दिन हो रही ऐसी अकाल मौतों पर रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने बताया कि यही स्थिति सिवान सिसवन एसएच 89, सिवान- बड़हरिया मुख्य मार्ग, सिवान – बसंतपुर मुख्य मार्ग सहित लगभग सभी मुख्य मार्गों की है, जिनपर नीलगायों का आतंक है।

मोहम्मद सुफियान की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। खासकर क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों में मातम पसरा हुआ है, जिन्होंने अपने एक साथी, मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत को हमेशा के लिए खो दिया।

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