टंडवा के कर्बला में 2 दिसंबर 2023 को हुई थी घटना, अदालत ने हत्या समेत कई धाराओं में सुनाई सजा
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

विधि संवाददाता l सिवान
क्रिकेट खेलने से इनकार करने पर युवक पर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सुशील कुमार त्रिपाठी की अदालत ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी आसिफ राजा उर्फ मिंटू को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त को हरिजन उत्पीड़न अधिनियम तथा भादवि की धारा 302 के तहत दो अलग-अलग धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों धाराओं में एक-एक लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया।

अदालत ने भादवि की धारा 307 के तहत भी अभियुक्त को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धारा 341 और 323 के तहत एक-एक वर्ष के कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
क्रिकेट मैच के दौरान हुआ था विवाद

अभियोजन के अनुसार, घटना 2 दिसंबर 2023 की है। ग्राम टंडवा स्थित कर्बला में क्रिकेट मैच खेला जा रहा था। इसी दौरान हुसैनगंज बाजार निवासी गोपाल राम के पुत्र जितेंद्र कुमार को आसिफ राजा उर्फ मिंटू ने क्रिकेट खेलने के लिए दबाव दिया। जितेंद्र कुमार ने खेलने से इनकार कर दिया।

इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आसिफ राजा उर्फ मिंटू और उसके साथ मौजूद अन्य अज्ञात लोगों ने जितेंद्र कुमार पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सदर अस्पताल से गोरखपुर किया गया था रेफर
घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन घायल जितेंद्र कुमार को इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान जितेंद्र कुमार की मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक भागवत राम ने मामले के पक्ष में अपनी दलीलें रखीं। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मुख्य आरोपी आसिफ राजा उर्फ मिंटू को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।






