खाने के ऑर्डर को लेकर विवाद के बाद हमला, आधा दर्जन से अधिक जीविका दीदी घायल, अस्पताल में मचा हड़कंप
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l मुजफ्फरपुर
बेतिया (पश्चिम चंपारण) से अजय शर्मा की रिपोर्ट: बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (GMCH) में मंगलवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब दीदी की रसोई में कार्यरत जीविका दीदियों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि खाने के ऑर्डर को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद करीब 50 से 60 की संख्या में जूनियर डॉक्टरों और कुछ अस्पताल कर्मियों ने रसोई में घुसकर जीविका दीदियों के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना में करीब आधा दर्जन जीविका दीदियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें GMCH में ही भर्ती कराया गया है। इसके अलावा रसोई के कई अन्य स्टाफ भी चोटिल हुए हैं।
घायल जीविका दीदियों ने बताया कि रोज की तरह जूनियर डॉक्टर दीदी की रसोई में खाना खाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दही और आमलेट का ऑर्डर दिया। ऑर्डर तैयार हो जाने के बाद डॉक्टरों ने दही लेने से इनकार कर दिया और इसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने बदतमीजी करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मामला और बिगड़ गया और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर रसोई में जुट गए।
पीड़ित जीविका दीदियों का आरोप है कि डॉक्टरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि उनके गहने और मंगलसूत्र तक तोड़ दिए। हमले के दौरान रसोई में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। अचानक हुए इस हमले से रसोई में काम कर रही महिलाएं दहशत में आ गईं और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगीं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
मारपीट की घटना से आक्रोशित जीविका दीदियों ने दीदी की रसोई को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भोजन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
मामले को लेकर जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि घटना गंभीर है और इसकी जांच कराई जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल GMCH में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।






