सिवान में भाकपा माले का आरोप– गांजा, स्मैक और शराब माफिया के दबाव में रची जा रही साजिश, जिला प्रशासन से न्याय की गुहार
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सिवान। भाकपा माले जिला कार्यालय सिवान में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि माले नेता विकास यादव और सोहेल मांझी को साजिश के तहत झूठे केस में फंसाया जा रहा है। प्रेसवार्ता में माले जिला सचिव हंसनाथ राम, पूर्व विधायक अमरनाथ यादव और पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
माले जिला सचिव हंसनाथ राम ने कहा कि एक दिसंबर 2023 को कल्याणपुर गांव में गांजा, स्मैक और शराब माफिया से जुड़े अपराधियों ने सोहेल मांझी के भाई जमादार मांझी की बेरहमी से पिटाई की थी। आरोप है कि संटू सिंह समेत अन्य अपराधियों ने उन्हें उनके दरवाजे से घसीटकर अपने दरवाजे पर ले जाकर पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान पटना पीएमसीएच में जमादार मांझी की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मरने से पहले जमादार मांझी ने बयान दिया था, जिसके आधार पर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज है। इस केस में आरोपी बुरी तरह फंस चुके हैं और हाई कोर्ट से गिरफ्तारी के नोटिस भी जारी हो चुके हैं। इसी केस को उठाने के लिए लगातार दबाव और धमकियां दी जा रही हैं।
पूर्व विधायक अमरनाथ यादव ने कहा कि इसी दबाव के तहत पहले भी 24 मार्च 2024 को गोलीकांड का झूठा मामला गढ़कर माले नेताओं को फंसाने की कोशिश की गई थी। उस समय जिला प्रशासन ने गंभीरता से जांच की, जिसमें सभी निर्दोष पाए गए। अब एक बार फिर विकास यादव और सोहेल मांझी को फर्जी केस में फंसाया गया है। उन्होंने मांग की कि निष्पक्ष जांच कर साजिश रचने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा ने कहा कि हालिया एफआईआर में दर्ज बयान कई सवाल खड़े करते हैं। एफआईआर के अनुसार 20 दिसंबर 2025 की शाम करीब सात बजे कर्णपुरा बाजार से दवा लेकर लौट रहे तीन युवकों पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि बयान में कई विरोधाभास हैं और सच्चाई से दूर हैं। माले नेताओं ने स्पष्ट किया कि उस दिन विकास यादव सिवान में मौजूद थे, ऐसे में उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
नेताओं ने जिला प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, फर्जी केस में फंसाने वालों पर कार्रवाई की जाए, जमादार मांझी हत्याकांड के आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी हो और माले नेताओं व कार्यकर्ताओं को सुरक्षा की गारंटी दी जाए।






