केएमपी भारत डिजिटल मीडिया की पहल को मिल रहा जनसमर्थन, समाजसेवियों, शिक्षकों, चिकित्सकों व जनप्रतिनिधियों ने बताया सेवा का प्रेरणादायी अभियान
केएमपी भारत डिजिटल मीडिया की जनसेवा पहल बनी लोगों की आस्था का केंद्र, लगातार आठवें सप्ताह जरूरतमंदों और राहगीरों तक पहुंचा प्रसाद वितरण अभियान।
धर्म अध्यात्म न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान। केएमपी भारत डिजिटल मीडिया की ओर से संचालित “मां का प्रसाद अभियान” लगातार आठवें शनिवार भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और सेवा भावना के साथ आयोजित किया गया। शहर में भीषण गर्मी और उमस के बावजूद अभियान के प्रति लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। कार्यक्रम के दौरान बस, ट्रक, कार, बाइक और साइकिल से गुजरने वाले यात्रियों सहित स्थानीय लोगों ने रुककर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों के अनुसार इस सप्ताह भी 500 से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कई राहगीरों ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। https://youtu.be/0au0n_y9A9A?si=tsOl0s9v3HiChS_N

हर शनिवार आयोजित होने वाला यह अभियान अब केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बनता जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था और निर्धारित समय तक लगातार श्रद्धालुओं एवं राहगीरों की भीड़ लगी रही। प्रसाद वितरण के दौरान सभी के लिए व्यवस्थित व्यवस्था की गई थी, जिससे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
आयोजकों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल प्रसाद बांटना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, परोपकार और मानवता की भावना को मजबूत करना है। उनका कहना है कि मां के आशीर्वाद और समाज के सहयोग से यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है तथा प्रत्येक सप्ताह लोगों की भागीदारी बढ़ रही है।

इस अवसर पर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के परीक्षा सचिव मनोरंजन कुमार सिंह ने कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्य लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के राहगीरों को प्रसाद वितरण करना सराहनीय प्रयास है।
भाजपा नेत्री श्रीमती लिसा लाल ने कहा कि सेवा और संस्कार भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि “मां का प्रसाद अभियान” सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।

कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि केएमपी भारत डिजिटल मीडिया ने जिस निरंतरता के साथ यह अभियान चलाया है, वह अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा है।
गोपाल फार्मा एंड वैक्सीन स्पेशलिटी के डायरेक्टर विवेक लाल ने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने इस अभियान की निरंतर सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
सरदार पिंटू सिंह ने कहा कि जरूरतमंद और राहगीरों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। इस प्रकार के अभियान समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।
अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह ने कहा कि समाज में बदलाव छोटे-छोटे प्रयासों से ही आता है। उन्होंने इस अभियान को समाज के लिए अनुकरणीय बताया।
पोस्ट ऑफिस अभिकर्ता संजीव कुमार ने कहा कि राहगीरों के लिए इस तरह का आयोजन निश्चित रूप से सराहनीय है और इससे समाज में सहयोग की भावना मजबूत होती है।
शिक्षक पवन पांडेय ने कहा कि सेवा कार्य से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। उन्होंने युवाओं से ऐसे अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
आभूषण व्यवसायी महीतोष कुमार ने कहा कि समाज की सेवा ही सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोगों को एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देता है।
वार्ड संख्या-5 निवासी गोपीचंद पासवान ने कहा कि केएमपी भारत डिजिटल मीडिया ने सेवा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान समाज में आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “मां का प्रसाद अभियान” अब शहर की पहचान बनता जा रहा है। प्रत्येक शनिवार बड़ी संख्या में लोग इस अभियान का इंतजार करते हैं और प्रसाद ग्रहण कर आयोजकों को शुभकामनाएं देते हैं। लोगों का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में और व्यापक स्वरूप लेगी तथा समाज में सेवा और सहयोग की नई मिसाल कायम करेगी।






