किला मैरिज हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जुटे लोग
इमाम हुसैन की कुर्बानी और इंसानियत के संदेश पर हुई चर्चा
धर्म अध्यात्म l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सिवान।
शहर के किला मैरिज हॉल में रविवार को तंजीम ए हुसैनी के तत्वावधान में आयोजित “जश्ने इमामे हुसैन अ.स. सलाम” कार्यक्रम श्रद्धा, अकीदत और अदबी माहौल के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और इमामे हुसैन की शिक्षाओं एवं उनके बलिदान को याद किया।

कार्यक्रम का संचालन तंजीम ए हुसैनी के अध्यक्ष मौलाना शमीम हैदर तूराबी ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता गुलाम हैदर ने की। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि इमाम हुसैन का जीवन सत्य, न्याय, इंसानियत और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में शांति, भाईचारा और नैतिक मूल्यों की स्थापना की जा सकती है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बाहर से आए प्रसिद्ध शायरों की शायरी रही। मंच पर मुंतज़िर जौनपुरी, शबाब जलालपुरी, शंकर कैमुरी, मनाजिर सीवानी और जावेद गोपालपुरी ने अपने-अपने अंदाज में इमाम हुसैन की शान में कलाम पेश किए। शायरों की प्रस्तुति ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कई बार पूरा हॉल तालियों और वाह-वाह की गूंज से भर उठा। शायरों ने अपने कलाम के माध्यम से कर्बला की कुर्बानी, इंसाफ और मानवता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

वक्ताओं ने कहा कि कर्बला की घटना केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि अन्याय और जुल्म के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा है। इमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ जो बलिदान दिया, वह पूरी मानवता के लिए एक मिसाल है। आज भी उनका संदेश समाज को सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव, मंसूर आलम, गुलाम हैदर, कमर अब्बास रिजवी, जोहर मियां सफियाबादी, फराज आजमी, प्रोफेसर नक्की अब्बास, मौलाना सैयद अलीम गोपालपुरी, दिलदार सिवानी, सब्बर इमाम और कौसर अब्बास भिखपुरी, डॉ. सीबी मिश्रा, मो. इरशाद अली समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, शायरों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान सौहार्द, भाईचारे और आपसी सम्मान का वातावरण देखने को मिला।






