सोशल मीडिया से शुरू हुआ प्यार, किराये के कमरे में साथ रह रहीं युवतियों ने आपसी सहमति से किया समलैंगिक विवाह; इलाके में समर्थन और विरोध दोनों
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l भागलपुर
सुपौल से सोनू कुमार भगत की रिपोर्ट
त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र से एक चौंकाने और चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया है। यहां आदर्श मोहल्ला, वार्ड संख्या 18 में किराये के मकान में रह रही दो युवतियों ने आपसी प्रेम संबंध के बाद मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। इस अनोखी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरा इलाका तरह-तरह की चर्चाओं से गूंज रहा है। https://youtu.be/hCYj31FdIog?si=qME9wrRYLRGDtEov
मिली जानकारी के अनुसार, पूजा कुमारी और काजल कुमारी ने मंगलवार देर शाम मेला ग्राउंड स्थित एक मंदिर में सात फेरे लेकर शादी की। वायरल वीडियो में पूजा कुमारी दूल्हे की भूमिका में नजर आ रही हैं, जो काजल कुमारी की मांग में सिंदूर भरती दिखाई दे रही हैं। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाईं और अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया।
बताया जा रहा है कि पूजा कुमारी मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के गोशाला चौक, वार्ड संख्या 8 निवासी संतोष गुप्ता की 21 वर्षीय पुत्री हैं। वहीं काजल कुमारी सुपौल जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मौरा बघला, वार्ड संख्या 1 निवासी शंभू यादव की 18 वर्षीय पुत्री हैं। दोनों वर्तमान में त्रिवेणीगंज में एक मॉल में काम करती हैं।
पूजा और काजल ने बताया कि करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उनकी पहचान हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के दौरान दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। बीते दो महीनों से दोनों त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 18 में एक किराये के कमरे में साथ रह रही थीं।
दोनों युवतियों का कहना है कि उन्हें पुरुषों में कोई रुचि नहीं है, इसलिए उन्होंने आपसी सहमति से शादी करने का फैसला लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका रिश्ता भावनात्मक है और इसे वे आपसी समझ और सहयोग के आधार पर निभाना चाहती हैं।
पत्नी बनी काजल कुमारी ने कहा कि भले ही कानूनी रूप से उनकी शादी को मान्यता न मिले, लेकिन वे जीवन भर पति-पत्नी की तरह एक-दूसरे का साथ देंगी और हर सुख-दुख में सहारा बनेंगी।
फिलहाल यह विवाह पूरे त्रिवेणीगंज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्रेम की अभिव्यक्ति मानकर समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई इसे सामाजिक परंपराओं के खिलाफ बता रहे हैं। सवाल यही है कि इस रिश्ते को समाज किस नजर से स्वीकार करेगा।






