डीएम ने 48 लाभुकों को सौंपे स्वीकृति पत्र, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। पटना/गोपालगंज।
समाहरणालय परिसर में गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) और पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र के परियोजना प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक तथा जिला उद्योग केंद्र के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान लाभुकों को योजनाओं की जानकारी भी दी गई और उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने अपने करकमलों से चयनित लाभुकों को ऋण स्वीकृति एवं वितरण पत्र सौंपे। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे जिले में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिविर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत कुल 48 लाभुकों को ऋण से लाभान्वित किया गया। इसमें PMEGP योजना के तहत 4 लाभुकों को 45.05 लाख रुपये की ऋण स्वीकृति दी गई, जबकि 5 लाभुकों को 44.16 लाख रुपये की राशि का ऋण वितरण किया गया।
वहीं PMFME योजना के तहत 12 लाभुकों को 58.61 लाख रुपये की ऋण स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 27 लाभुकों को ऋण वितरण पत्र प्रदान किए गए, जिनके माध्यम से उन्हें अपने उद्योग और व्यवसाय को स्थापित करने या विस्तार देने में सहायता मिलेगी। इस प्रकार शिविर के दौरान कुल 1.86 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का वितरण एवं स्वीकृति प्रदान की गई।
जिला पदाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लाभुकों से अपील की कि वे प्राप्त ऋण का सही उपयोग कर अपने व्यवसाय को सफल बनाएं और अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें।
अधिकारियों ने बताया कि जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और जिले में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके।






