बिहार के 46 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सिवान प्रथम, सीतामढ़ी दूसरे और मुंगेर तीसरे स्थान पर
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सिवान
बावनडीह स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक सिवान ने प्लेसमेंट के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में नया इतिहास रच दिया है। फरवरी माह में डिप्लोमा तृतीय वर्ष में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को 163 प्लेसमेंट ऑफर दिलाकर संस्थान ने बिहार के सभी 46 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच खुशी और उत्साह का माहौल है।
बिहार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले सभी 46 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में फरवरी माह के दौरान कुल 2405 प्लेसमेंट ऑफर दिए गए। इनमें सबसे अधिक 163 ऑफर राजकीय पॉलिटेक्निक सिवान के छात्रों को मिले। वहीं राजकीय पॉलिटेक्निक सीतामढ़ी 162 प्लेसमेंट ऑफर के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि राजकीय पॉलिटेक्निक मुंगेर 116 ऑफर के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
कई बड़ी कंपनियों ने दिया छात्रों को मौका
संस्थान में छात्रों को प्लेसमेंट देने वाली कंपनियों में मुख्य रूप से एस्कॉर्ट कुबोटा लिमिटेड, लूमैक्स, हायर और कृष्ण मारुति जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल रहीं। इसके अलावा इस वर्ष अपोलो टायर्स, टेलब्रोस, टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिकल मोटर, शोभा लिमिटेड, योकोहामा, रियाज मिटास, टाटा मोटर्स, मदरसन और वेब टेक जैसी कंपनियों ने भी यहां के छात्र-छात्राओं को प्लेसमेंट ऑफर दिए हैं।
संस्थान के अनुसार इस वर्ष अब तक छात्र-छात्राओं को 400 से अधिक ऑफर लेटर दिए जा चुके हैं। वहीं आनंद ग्रुप और एनआरएस कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड की चयन प्रक्रिया का परिणाम अभी प्रतीक्षारत है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसके बाद प्लेसमेंट की संख्या और बढ़ेगी।
परिवार और गांव के लिए बनी प्रेरणा
संस्थान में गार्ड के रूप में कार्यरत उपेंद्र शाही ने बताया कि उनकी बेटी भी इसी संस्थान में पढ़ाई कर रही है और उसे अब तक दो कंपनियों से प्लेसमेंट ऑफर मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। साथ ही गांव के अन्य बच्चों के लिए भी यह प्रेरणा का स्रोत बन गया है कि मेहनत और लगन से बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।
छात्रों को दी जा रही है विशेष ट्रेनिंग
प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं संस्थान में आयोजित ट्यूनिंग प्रोग्राम के तहत भ्रमण पर आने वाले स्कूल के बच्चों को भी यहां की सुविधाओं, तकनीकी शिक्षा और ट्रेनिंग के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इससे स्कूली बच्चों में भी तकनीकी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ रही है।
संस्थान के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर विमल कुमार ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को इंटरव्यू की तैयारी, ग्रुप डिस्कशन और तकनीकी विषयों से जुड़े वस्तुनिष्ठ सवालों को हल करने की विधि सिखाई। साथ ही प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यवहारिक ज्ञान भी दिया।
बिहार में औद्योगिक विकास की नई उम्मीद
संस्थान के प्राचार्य डॉ. प्रवीण पचौरी ने कहा कि बिहार में बदलते औद्योगिक वातावरण के कारण कई बड़ी कंपनियां यहां अपना भविष्य तलाश रही हैं। ऐसे में हमारे छात्र-छात्राओं की बढ़ती भागीदारी राज्य के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भविष्य में ये कंपनियां बिहार में अपने उद्योग स्थापित करेंगी तो उनके पास पहले से प्रशिक्षित इंजीनियरों की बड़ी संख्या उपलब्ध होगी।
डॉ. पचौरी ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि हाई स्कूल में विज्ञान विषय से पढ़ाई करने के बाद बीसीईसीईबी द्वारा आयोजित डिप्लोमा प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पॉलिटेक्निक में दाखिला लेकर कम खर्च में तकनीकी शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। तीन वर्ष की मेहनत और लगन से छात्र अच्छी नौकरी हासिल कर सकते हैं और नौकरी के साथ आगे की पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज की यह उपलब्धि आने वाले स्वर्णिम भविष्य की मजबूत शुरुआत है।






