प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का निर्देश—प्रस्वीकृति (UDISE/QR कोड) मिलने तक स्कूल खोलने पर जुर्माना व कानूनी कार्रवाई तय
एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सीवान :
प्रखंड संसाधन केंद्र दरौंदा से जारी एक महत्वपूर्ण आदेश में बिना प्रस्वीकृति (मान्यता) के संचालित हो रहे निजी विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, दरौंदा द्वारा जारी पत्र के अनुसार ऐसे सभी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने का निर्देश दिया गया है, जब तक वे आवश्यक प्रस्वीकृति (UDISE/QR Code) प्राप्त नहीं कर लेते।

यह कार्रवाई निदेशक (प्राथमिक शिक्षा) बिहार के पत्रांक-223 दिनांक 13 फरवरी 2026 तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान के पत्रांक-682 दिनांक 28 फरवरी 2026 के आलोक में की जा रही है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बिना मान्यता के विद्यालय संचालन पूरी तरह अवैध है।

हर दिन 10 हजार का जुर्माना, कानूनी कार्रवाई भी संभव
निर्देश में चेतावनी दी गई है कि यदि कोई विद्यालय बिना प्रस्वीकृति के संचालित पाया जाता है तो उस पर प्रतिदिन 10,000 रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। साथ ही संबंधित संचालक और प्रधानाध्यापक के खिलाफ विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

इन 22 विद्यालयों को जारी हुआ नोटिस
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जिन विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से—
विजय कुमार सिंह (पंचशील वेस्ट वेल्डर स्कूल), हरिहरनाथ पंडित (विक्रमशिला पब्लिक स्कूल रगड़गंज), दीपक कुमार (आर.पी. पब्लिक स्कूल रगड़गंज), रोहित कुमार (एम.एस. पब्लिक स्कूल रगड़गंज), वृजा तिवारी (वृजातिवारी नेशनल पब्लिक स्कूल), प्रवीण कुमार सिंह (सन वैली पब्लिक स्कूल), नेहा वर्मा (एसवीएन डीवीएम पब्लिक स्कूल), विरेन्द्र श्रीवास्तव (सरस्वती शिशु विद्या मंदिर अगरौली), विनय कुमार (एसेम्बली ऑफ गॉड चिल्ड्रेन स्कूल बगौरा), संजय कुमार सिन्हा (मां शारदा शिशु मंदिर बगौरा), प्रियेश मिश्रा (वीएमडी पब्लिक स्कूल बगौरा), हरि सिंह (एन.एन. सिंह सेंट्रल स्कूल बगौरा), सम्भूनाथ प्रसाद (एलएसपी सेंट्रल स्कूल उस्ती), विजय कुमार (लॉर्ड बुद्ध पब्लिक स्कूल), दिलीप तिवारी (न्यू वीणा मॉन्टेसरी स्कूल पिपरा दरौंदा), अवधेश कुमार पंडित (रेनबो पब्लिक स्कूल बेला), नन्दलाल कुमार (बाल विकास विद्यालय धनौती), अरबिंद कुमार (इंडियन पब्लिक स्कूल कोल्हुआ), अजय दुबे (आदर्श पब्लिक स्कूल कोल्हुआ), दिगम्बर सिंह (दिशा पब्लिक स्कूल), दिलीप कुमार उपाध्याय (स्वामी विवेकानंद आदर्श पब्लिक स्कूल) तथा मुन्ना कुमार (सरस्वती नवोदय विद्यालय रुकुन्दीपुर) शामिल हैं।

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
शिक्षा विभाग का मानना है कि बिना मान्यता के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य असुरक्षित हो सकता है। ऐसे स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, प्रशिक्षित शिक्षकों और पाठ्यक्रम मानकों का अभाव रहता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
जिला स्तर पर भी सख्ती के संकेत
प्रखंड से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान) को भी भेजी गई है। इससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में जिलेभर में ऐसे स्कूलों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा सकता है।

अभिभावकों से भी अपील
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों का नामांकन केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं, ताकि उनके भविष्य के साथ किसी प्रकार का जोखिम न हो।






