सीवान सदर के अनुमंडल पदाधिकारी ने गोशाला विकास पदाधिकारी को लिखा पत्र; कई अहम फैसले अटके
सेंट्रल डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सिवान :
श्री गोपाल कृष्ण गोशाला, सीवान की कार्यकारिणी समिति की बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहने वाले सचिव के खिलाफ अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। अनुमंडल पदाधिकारी, सीवान सदर आशुतोष गुप्ता द्वारा गोशाला विकास पदाधिकारी, पटना को भेजे गए पत्र में सचिव के रवैये पर गंभीर आपत्ति जताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
पत्र के अनुसार, दिनांक 21 अप्रैल 2026 को कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य नई कार्यकारिणी के चुनाव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना था। बैठक की पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद सचिव इसमें शामिल नहीं हुए। इतना ही नहीं, बैठक के दौरान उनके मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल तक रिसीव नहीं किया।

प्रशासन ने इस व्यवहार को न केवल गैर-जिम्मेदाराना बल्कि सरकारी कार्यों में सहयोग न करने की प्रवृत्ति बताते हुए इसे अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का उदाहरण माना है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह पहली बार नहीं है जब सचिव बैठक से अनुपस्थित रहे हों। इससे पहले 15 जनवरी, 27 जनवरी, 18 फरवरी और 21 फरवरी 2026 को आयोजित बैठकों में भी वे बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे थे।
लगातार अनुपस्थिति के कारण गोशाला से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय नहीं लिया जा सका है, जिससे संस्थान के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बैठक पंजी की छायाप्रति भी इस संबंध में संलग्न कर साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है।
अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि सचिव द्वारा जानबूझकर बैठकों में भाग नहीं लेने से कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने गोशाला विकास पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव के विरुद्ध आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, आगामी बैठक जो 29 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है, उसमें सचिव की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की गई है।






