शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान |
पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को सीवान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्टी के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान टीआरई-4 की रिक्तियां जारी करने, लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों को बर्खास्त करने तथा गिरफ्तार अभ्यर्थियों को बिना शर्त रिहा करने की मांग उठाई गई।
जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ विरोध मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पकड़ी मोड़, गौशाला होते हुए चकिया मोड़ पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर थे। “लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी”, “टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करो”, “भाजपा सरकार मुर्दाबाद” और “गिरफ्तार अभ्यर्थियों को रिहा करो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा।

“दो लाख से अधिक पद खाली, फिर भी बहाली नहीं”
पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में दो लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार बहाली प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों पर जिस प्रकार लाठियां बरसाई गईं, वह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। जिलाध्यक्ष ने मांग की कि छात्र नेता दिलीप समेत गिरफ्तार सभी अभ्यर्थियों को तुरंत रिहा किया जाए और लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो।
“जेपी गोलंबर जलियांवाला बाग जैसा लगा”
कांग्रेस के राज्य नेता प्रेमचंद सिंह ने कहा कि टीआरई-4 की वैकेंसी को लेकर सरकार लगातार अभ्यर्थियों को तारीख पर तारीख दे रही है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं की उम्र सीमा पार हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को पटना में जो कुछ हुआ, उसने युवाओं को झकझोर कर रख दिया। उनके अनुसार, “ऐसा लग रहा था जैसे पटना का जेपी गोलंबर जलियांवाला बाग में बदल गया हो और पुलिस जनरल डायर की भूमिका निभा रही हो।” उन्होंने कहा कि नौकरी मांगना अपराध नहीं है और सरकार को युवाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए।
“शिक्षा व्यवस्था अंधेरयुग की ओर”
कांग्रेस नेता डॉ. अभिषेक कुमार ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा रही।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद नौकरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जवाब में लाठियां मिल रही हैं। यह युवाओं के आत्मसम्मान और भविष्य दोनों पर हमला है।

महिला अभ्यर्थियों के साथ बदसलूकी का आरोप
कांग्रेस नेता राजेश रंजन पप्पू ने प्रदर्शन के दौरान महिला अभ्यर्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सड़कों पर घसीट-घसीट कर पीटा गया, जो अत्यंत निंदनीय और अमानवीय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बेरोजगार युवाओं और शिक्षक अभ्यर्थियों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
प्रदर्शन में विश्वनाथ यादव, पूनम सिंह, शशि कुमार, पंचदेव राम, इरफान अहमद, राधेश्याम शर्मा, हाफिज जुबैर, विकास तिवारी, संस्कार यादव, अजीत उपाध्याय, केशव तिवारी, रूदल बागी, अलाउद्दीन अहमद, अमितेश पांडेय, सोहैल अहमद, आफताब अहमद, अजीत सिंह, वैद्यनाथ महतो, संजय कुमार और सन्नी हाशमी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।






