Court News: नेशनल लोक अदालत में 1175 मामलों का निष्पादन: सुलह-समझौते से खत्म हुए वर्षों पुराने विवाद

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7.48 लाख रुपए जमा कर वादकारियों ने ली राहत

सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

डॉ. विजय कुमार पांडेय l विधि संवाददाता l सिवान

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली के निर्देश पर शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर, सिवान में आयोजित नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निष्पादन किया गया। पूरे दिन चले इस विशेष आयोजन में कुल 1175 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। अदालत परिसर में सुबह से ही वादकारियों की भीड़ देखी गई और विभिन्न न्यायिक बेंचों पर आपसी सहमति से मामलों का समाधान कराया गया।

लोक अदालत में सबसे अधिक मामलों का निष्पादन बैंक ऋण संबंधी मामलों में हुआ। विभिन्न बैंकों के 584 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा न्यायालयों में लंबित 258 आपराधिक मामलों, 173 ट्रैफिक मामलों, 134 ग्राम कचहरी मामलों, 20 एक्सक्यूटिव मामलों, 2 वैवाहिक मामलों, 2 बीएसएनएल मामलों, 1 श्रम विवाद तथा 1 एनआई एक्ट मामले का भी समाधान कराया गया।

इस दौरान वादकारियों ने विभिन्न मामलों में 7 लाख 48 हजार 800 रुपए नकद राशि जमा कर अपने मामलों का निष्पादन कराया। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को कम समय और कम खर्च में न्याय मिल रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आ रही है।

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दीप प्रज्वलित कर हुआ उद्घाटन, समझौते की अपील

नेशनल लोक अदालत के उद्घाटन समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक पी. के. झा, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष शंभू दत्त शुक्ला तथा सचिव नवेन्दु शेखर दीपक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लोक अदालत समाज में सौहार्द और आपसी विश्वास को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने वादकारियों से अपने मामलों को आपसी सहमति से समाप्त कर मुकदमेबाजी से मुक्त होने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि लंबे समय तक मुकदमों में उलझे रहने से समय और धन दोनों की हानि होती है, जबकि लोक अदालत त्वरित एवं सरल न्याय उपलब्ध कराती है।

16 न्यायिक बेंचों का किया गया गठन

मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल 16 न्यायिक बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार 2, जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश मणि त्रिपाठी, राजेश कुमार द्विवेदी, उत्पाद न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोनीष सिंह, सीजेएम संजीव कुमार पांडे, एसीजेएम हिना मुस्तफा, मनोज कुमार, नीतीश कुमार पंजियार, नेहा त्रिपाठी तथा कंचन यादव समेत कई न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी सुलोचना, अनामिका डागर, अश्विनी कुमार राय, यतेंद्र सिंह और नूपुर प्रियदर्शी सहित पैनल अधिवक्ताओं ने भी मामलों के निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभाई।

सचिव सुनील कुमार सिंह की रही अहम भूमिका

पूरे आयोजन के संचालन एवं सफल निष्पादन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके नेतृत्व में न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं के समन्वय से लोक अदालत का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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