हत्या, आर्म्स एक्ट और फरार अपराधियों के मामलों में स्पीडी ट्रायल के निर्देश, ERSS कॉल पर 15 मिनट में रिस्पॉन्स अनिवार्य
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सिवान l
जिले में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को समाहरणालय सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, थानाध्यक्ष और शाखा प्रभारियों को अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश दिए। गोष्ठी में अप्रैल 2026 के अपराध आंकड़ों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और जनता के प्रति पुलिस व्यवहार में सुधार पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री झा ने हत्या, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने का निर्देश दिया। सभी थानाध्यक्षों को सक्रिय अपराधियों और फरार अभियुक्तों की सूची अद्यतन रखने तथा नियमित छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया। साथ ही लंबित वारंट और कुर्की के मामलों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

असामाजिक तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध बीएनएसएस की धाराओं एवं सीसीए के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज करने को भी कहा गया। इसके अलावा पासपोर्ट सत्यापन, चरित्र सत्यापन और विभिन्न लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में ERSS सेवा को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कंट्रोल रूम से प्राप्त शिकायतों पर हर हाल में 15 मिनट के भीतर रिस्पॉन्स सुनिश्चित करें। पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को थानों में आने वाले लोगों के साथ शालीन व्यवहार रखने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा गया। थानों में आगंतुक पंजी संधारित करने और रात्रि गश्ती एवं पैदल गश्ती को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
वाहन जांच और गश्ती अभियान तेज करने का निर्देश
बैठक में कहा गया कि जिले के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार वाहन जांच अभियान चलाया जाए। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि सभी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान वर्दी में रहें तथा उनका टर्नआउट उच्च कोटि का हो। एनडीपीएस, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। थाना परिसरों में नियमित रूप से गुंडा परेड और चौकीदार परेड आयोजित करने को कहा गया।
महाराजगंज थानाध्यक्ष बने “SHO ऑफ द मंथ”
अपराध नियंत्रण और बेहतर कार्यशैली को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने महाराजगंज थानाध्यक्ष को “SHO ऑफ द मंथ” घोषित किया। वहीं 10 से अधिक कांडों का सफल अनुसंधान पूरा करने वाले सात अनुसंधानकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। इनमें नगर थाना, मुफस्सिल थाना और भगवानपुर हाट थाना के पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे।
बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक श्री झा ने कहा कि जनता की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया।







