Fuel Fraud Control: सीवान में पेट्रोल-डीजल के फर्जी बिलों पर जिला प्रशासन सख्त

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डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने जारी किया कड़ा आदेश, नगर निकायों से लेकर पेट्रोल पंप तक पर लागू

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

सिवान |
सिवान जिले में पेट्रोल और डीजल के फर्जी, बढ़े-चढ़े व काल्पनिक बिलों पर अब पूरी तरह लगाम लगेगी। जिला दंडाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी धन की हानि और वित्तीय अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह आदेश जिले के सभी नगर निकायों, सरकारी कार्यालयों, निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) और पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा।


फर्जी बिलों से हो रही थी सरकारी धन की क्षति

डीएम ने बताया कि हाल के दिनों में यह सामने आया है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा फर्जी, दोहरे या काल्पनिक पेट्रोल-डीजल बिल प्रस्तुत किए जा रहे थे। वहीं, कुछ सरकारी कर्मियों की लापरवाही अथवा मिलीभगत से ऐसे बिलों का भुगतान हो रहा था, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान और नियमों का उल्लंघन हो रहा है।


अब बिना सत्यापन नहीं होगा भुगतान

जारी आदेश के अनुसार, किसी भी कार्यालय में पेट्रोल या डीजल का भुगतान तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका सत्यापन न हो। वाहन-वार खपत से असंबंधित नकद पर्ची या बिल को अमान्य माना जाएगा।


पेट्रोल पंपों के लिए नए नियम

जिले के सभी लाइसेंसधारी पेट्रोल पंपों को अब केवल कंप्यूटर जनित बिल जारी करने होंगे। बिल में वाहन नंबर, ईंधन की मात्रा, प्रति लीटर दर, तिथि, समय और बिल संख्या अनिवार्य होगी। हस्तलिखित या पूर्व-हस्ताक्षरित स्लिप पर ईंधन आपूर्ति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन या रद्द किया जा सकता है।


DDO और कोषागार कर्मियों की बढ़ी जिम्मेदारी

सभी DDO को वाहन की लॉगबुक, जीपीएस रिकॉर्ड और ईंधन बिलों का मिलान करना अनिवार्य होगा। असामान्य खपत पाए जाने पर जांच की जाएगी। वहीं, कोषागार स्तर पर भी बिल की मात्रा, दर और पूर्व भुगतान की स्वतंत्र जांच होगी।

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नगर निकायों में लागू होगी SOP

नगर परिषद और नगर पंचायतों में सभी वाहनों में जीपीएस, फ्यूल कैप लॉक, ओडोमीटर से दूरी का मिलान और औसत माइलेज का आकलन अनिवार्य किया गया है। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।


उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई तय

डीएम ने स्पष्ट किया कि दोषी सरकारी कर्मियों पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत विभागीय व आपराधिक कार्रवाई होगी। वहीं, पेट्रोल पंप संचालकों पर पेट्रोलियम अधिनियम और विधिक मापविज्ञान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।


जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने बताया कि प्रशासन का यह कदम पारदर्शिता, जन-सुरक्षा और सार्वजनिक धन के संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल है।

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