RDD सारण संजय कुमार की अध्यक्षता में VMHE स्कूल में दो सत्रों में हुई समीक्षा बैठक
डीईओ राघवेन्द्र प्रताप सिंह, डीपीओ अभिजीत सिंह व प्राचार्य राकेश कुमार सिंह ने भी किया संबोधित
एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान l
सीवान जिले के सभी हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों में शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने तथा विद्यालयों में अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को लेकर शनिवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शहर के VMHE स्कूल में 29 अगस्त को दो भागों में आयोजित बैठक में जिले के हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों के प्राचार्य शामिल हुए। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता RDD सारण संजय कुमार ने की। उन्होंने प्राचार्यों को विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल मजबूत करने और विभागीय निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की जिम्मेदारी केवल बच्चों की उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की पढ़ाई की नियमित निगरानी और उसके शैक्षणिक विकास पर ध्यान देना जरूरी है।
बैठक को जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, समय पर कक्षाओं का संचालन तथा शैक्षणिक गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया। प्राचार्यों से कहा गया कि विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएं।

डीपीओ अभिजीत सिंह ने विद्यालयवार शैक्षणिक स्थिति की समीक्षा करते हुए प्राचार्यों को विभागीय योजनाओं एवं निर्देशों को समयबद्ध तरीके से लागू करने को कहा। उन्होंने विद्यालयों में साफ-सफाई, अनुशासन और पठन-पाठन के बेहतर वातावरण पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।
बैठक में VMHE स्कूल के प्राचार्य राकेश कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने विद्यालय संचालन, विद्यार्थियों की नियमितता तथा शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
प्राचार्यों को जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश
समीक्षा के दौरान प्राचार्यों से कहा गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें। कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की व्यवस्था करने, कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया।
बैठक में विद्यालयों में अनुशासन, स्वच्छता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की जिम्मेदारी और परीक्षा संबंधी तैयारियों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने में प्रधानाध्यापक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए प्राचार्य नियमित रूप से शिक्षकों के कार्यों की समीक्षा करें और किसी भी समस्या का समाधान समय रहते करें।
बैठक में विद्यालयों में अध्यापन सामग्री (Teaching-Learning Material) तैयार करने और उसके प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। इस संबंध में VMHE के केमिस्ट्री शिक्षक अनिल पाण्डेय ने प्राचार्यों एवं शिक्षकों को अध्यापन सामग्री तैयार करने, विषय को विद्यार्थियों के लिए सरल एवं रोचक बनाने तथा कक्षा में उसके प्रभावी उपयोग के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि विषयवार उपयोगी अध्यापन सामग्री तैयार होने से विद्यार्थियों की समझ बेहतर होगी और कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बैठक में राकेश कुमार सिंह, दामोदर मिश्रा, अमरेंद्र मिश्रा, कनकलता, तरुण पाठक, आनंद कुमार सिंह, आलोक कुमार सिंह, विश्वामित्र द्विवेदी, बिटुन कुमार राय सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षा विभाग से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों का धरातल पर कितना प्रभाव पड़ा, इसकी आगे भी समीक्षा की जाएगी। इससे विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक भविष्य की दिशा में काम करने की उम्मीद है।






