बाकी मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश; हर सोमवार-शुक्रवार नियमित सुनवाई से बढ़ी उम्मीदें
डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सिवान, संवाददाता :
जिले में आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासनिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित ‘सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली’ के तहत जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। ‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस पहल में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपनी समस्याएं सीधे डीएम के समक्ष रखीं।

कार्यक्रम के दौरान कुल 37 आवेदन विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। जिलाधिकारी ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इनमें से दो मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जिससे फरियादियों को तत्काल राहत मिली।
डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष मामलों पर समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
इस दौरान विभिन्न विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने-अपने स्तर पर समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में कदम उठाए। साथ ही, प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर भी अधिकारियों द्वारा समानांतर रूप से जनसुनवाई की गई, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि दूर-दराज के पंचायतों से आए लोगों ने सीधे जिलाधिकारी से संवाद कर अपनी बात रखी। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उनकी समस्याएं बिना किसी बिचौलिये के सीधे प्रशासन तक पहुंच रही हैं, जिससे समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है।

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने बताया कि ‘सेवा-संवाद-समाधान’ कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को जिला मुख्यालय के साथ-साथ अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर नियमित रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करना और समस्याओं का शीघ्र निवारण सुनिश्चित करना है।






