सिवान के प्रबुद्ध समाजसेवियों ने शुरू की अनोखी पहल, 500 से अधिक जरूरतमंदों और राहगीरों तक पहुंचा सेवा, सम्मान और अपनापन
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संजीव कुमार। संवाददाता सिवान/पटना।
“मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” — इसी मूल भावना को आत्मसात करते हुए सिवान जिले में “मां का प्रसाद” अभियान की शुरुआत हनुमान मंदिर मिलन सेवा समिति विदूर्ति हाता से की गई। यह अभियान केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में करुणा, संवेदना और मानवता का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास बनकर सामने आया है। https://youtu.be/ecI_xyi4sxQ?si=9-AeVXq-28TSGErO

कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस विशेष सेवा अभियान का शुभारंभ सिवान जिले के जीरादेई प्रखंड अंतर्गत गंगौली गांव निवासी भोजपुरी फिल्म अभिनेता विनोद मिश्रा, पूर्व वार्ड पार्षद श्रीमती लिसा लाल, गोपाल फार्मा प्राइवेट लिमिटेड एंड वैक्सीन स्पेशलिटी के डायरेक्टर विवेक लाल, रोटरी क्लब के सचिव संजय कुमार, कला निकेतन के डायरेक्टर विजय श्रीवास्तव, हनुमान मंदिर मिलन सेवा समिति विदूर्ति हाता के व्यवस्थापक धनु कुमार तथा समाजसेवी कुंदन कुमार सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समाजसेवियों ने संयुक्त रूप से किया।

करीब एक घंटे तक चले इस सेवा आयोजन में 500 से अधिक जरूरतमंदों, राहगीरों और असहाय लोगों को भोजन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान सेवा प्राप्त करने वाले लोगों के चेहरे पर संतोष और मुस्कान साफ दिखाई दे रही थी। आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने इसे मानवता को मजबूत करने वाली एक प्रेरणादायक पहल बताया।

जरूरतमंदों तक सम्मान के साथ सहायता पहुंचाने का संकल्प
अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि “मां का प्रसाद” केवल भोजन वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज के उन लोगों तक सम्मान और अपनापन पहुंचाने का प्रयास है, जिन्हें अक्सर समाज की मुख्यधारा से अलग महसूस कराया जाता है। आयोजकों का मानना है कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद केवल आर्थिक सहायता भर नहीं होती, बल्कि उससे उसे मानसिक संबल और सामाजिक सम्मान भी प्राप्त होता है।

कार्यक्रम के आयोजक चर्चित एवं वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण मुरारी पांडेय ने कहा कि समाज में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें समय-समय पर सहयोग और सहारे की आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा योगदान दे, तो किसी भी जरूरतमंद को भूखा या असहाय नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि “मां का प्रसाद” अभियान का उद्देश्य समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना है, ताकि लोग जरूरतमंदों की सहायता को अपनी जिम्मेदारी समझें।
समाज के विभिन्न वर्गों का मिल रहा सहयोग
अभियान की खास बात यह रही कि इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यवसायी और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोग एक मंच पर नजर आए। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए इस तरह की पहल अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने कहा कि आज के दौर में जहां लोग अपने व्यक्तिगत जीवन में अधिक व्यस्त होते जा रहे हैं, वहीं “मां का प्रसाद” जैसा अभियान समाज को जोड़ने और मानवता को जीवित रखने का कार्य कर रहा है। उन्होंने इस पहल को आने वाले समय में बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप लेने वाली शुरुआत बताया।
भोजपुरी अभिनेता विनोद मिश्रा ने बढ़ाया अभियान का उत्साह
कार्यक्रम में पहुंचे भोजपुरी फिल्म अभिनेता विनोद मिश्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। सिवान जिले के रहने वाले विनोद मिश्रा भोजपुरी सिनेमा और हिंदी टेलीविजन जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने ‘सौगंध’, ‘बागी’ और ‘संघर्ष 2’ जैसी चर्चित फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। इसके अलावा ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे लोकप्रिय टीवी शोज में भी वे कई प्रभावशाली किरदारों में नजर आ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि अपने गृह जिले में इस प्रकार का सेवा कार्य देखकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि समाज में जरूरतमंद लोगों की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है और हर व्यक्ति को इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
हर जरूरतमंद तक पहुंचेगा अभियान
अभियान से जुड़े लोगों ने स्पष्ट किया कि उनकी टीम का संकल्प इस सेवा यात्रा को हर उस स्थान तक पहुंचाना है, जहां जरूरतमंद लोग सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला सामाजिक अभियान है। इसके माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत किया जाएगा।

आयोजकों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। किसी का छोटा-सा सहयोग भी किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।
अतिथियों के बयान
भोजपुरी अभिनेता विनोद मिश्रा
“‘मां का प्रसाद’ अभियान मानवता और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण है। हमारे वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण मुरारी पांडेय ने जिस समर्पण और सेवा भावना के साथ इस पहल की शुरुआत की है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की ताकत रखते हैं।”

पूर्व वार्ड पार्षद श्रीमती लिसा लाल
“आज के समय में जरूरतमंदों की मदद करना सबसे बड़ा धर्म है। पत्रकार कृष्ण मुरारी पांडेय जी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान वास्तव में समाज को जोड़ने वाला प्रयास है। मैं इस सेवा कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा करती हूं।”
विवेक लाल
डायरेक्टर, गोपाल फार्मा प्राइवेट लिमिटेड एंड वैक्सीन स्पेशलिटी
“‘मां का प्रसाद’ केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि मानवता की सेवा का आंदोलन है। पत्रकार कृष्ण मुरारी पांडेय जी ने समाज के लिए जो सकारात्मक सोच दिखाई है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रेरक है।”
संजय कुमार
सचिव, रोटरी क्लब
“समाज में ऐसे सेवा कार्य लगातार होने चाहिए। इस अभियान ने यह साबित कर दिया है कि यदि सोच सकारात्मक हो तो छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। पत्रकार कृष्ण मुरारी पांडेय की पहल निश्चित रूप से लोगों को प्रेरित करेगी।”

विजय श्रीवास्तव
डायरेक्टर, कला निकेतन
“कला और संस्कृति तभी सार्थक होती है जब वह समाज और मानवता के काम आए। ‘मां का प्रसाद’ अभियान समाज में करुणा और अपनापन बढ़ाने वाला प्रयास है। मैं आयोजक और सीवान के जानेमाने पत्रकार कृष्ण मुरारी पांडेय जी को इस अद्भुत पहल के लिए बधाई देता हूं।”
धनु कुमार
व्यवस्थापक, हनुमान मंदिर मिलन सेवा समिति, विदूर्ति हाता
“जरूरतमंदों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। कृष्ण मुरारी पांडेय ने जिस भावना के साथ यह अभियान शुरू किया है, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। समाज के सभी लोगों को इस अभियान से जुड़ना चाहिए।”

कुंदन कुमार
समाजसेवी
“यह अभियान समाज में नई चेतना पैदा करेगा। जरूरतमंदों तक सम्मान और सहयोग पहुंचाने का जो प्रयास श्री पांडेय जी ने किया है, वह हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा है। ऐसे सेवा कार्यों से ही समाज मजबूत बनता है।”

समाज से सहयोग की अपील
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे इस सेवा अभियान से जुड़कर जरूरतमंदों की सहायता में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोग एकजुट होकर सेवा का संकल्प लें, तो कोई भी व्यक्ति खुद को अकेला महसूस नहीं करेगा।
अभियान के समापन पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा —
“आइए, मिलकर यह संदेश जन-जन तक पहुंचाएं —
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”







