मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग शिविर से किया 180 करोड़ की 38 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, कहा- 2030 तक एक करोड़ युवाओं को मिलेगा रोजगार
पॉलिटिकल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सीवान।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सीवान जिले के पचरुखी प्रखंड स्थित पपौर पंचायत में आयोजित सहयोग सह जनकल्याण शिविर में कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवान में जल्द ही चीनी मिल स्थापित की जाएगी और इसके लिए जिला प्रशासन को उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के बिना बिहार की प्रगति संभव नहीं है, इसलिए सरकार निवेश और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सीवान जिले के लिए करीब 180 करोड़ रुपये की लागत वाली 38 विकास योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अनुग्रह अनुदान योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक रूप से प्रमाण पत्र और सहायता राशि भी प्रदान की।
सहयोग शिविर बना त्वरित समाधान का मंच
मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर को आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि अब तक प्राप्त 3 लाख 3 हजार 678 आवेदनों में से 2 लाख 61 हजार 628 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जो लगभग 90 प्रतिशत है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में शिकायतों का समाधान नहीं होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शिकायतों के निपटारे के लिए जवाबदेही तय की गई है। यदि 10 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं होती है तो पहला नोटिस, 20 दिनों पर दूसरा और 25 दिनों पर तीसरा नोटिस जारी होगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर निलंबन तक की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गरीब परिवारों को मिलेगा सोलर ऊर्जा का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बड़ा अभियान शुरू किया है। अगले दो वर्षों में बिहार के 25 लाख गरीब परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे उन्हें बिजली खर्च में राहत मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि बिहार देश में सबसे सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने वाले राज्यों में शामिल है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों को सशक्त किया जा रहा है तथा रेफरल की अनावश्यक व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और निर्धारित समय में अनुमति नहीं मिलने पर स्वतः लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था लागू की जा रही है।
किसानों और स्थानीय उत्पादकों को मिलेगा लाभ
सीवान में चीनी मिल स्थापना की घोषणा के साथ मुख्यमंत्री ने दूध, सब्जी और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रखंड और पंचायत स्तर पर हाट-बाजार की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसानों और उत्पादकों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
कार्यक्रम में सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित बिहार और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है और जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है।






