पूर्व सांसद डॉ. मो. शहाबुद्दीन की पांचवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, टाउन हॉल में भावुक श्रद्धांजलि सभा
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सीवान, संवाददाता :
पूर्व सांसद डॉ. मो. शहाबुद्दीन की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को स्थानीय टाउन हॉल, सीवान में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिससे पूरा टाउन हॉल खचाखच भरा रहा। सभा की अध्यक्षता बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने की, जबकि संचालन पूर्व विधान पार्षद परमात्मा राम ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन से हुई, जिसमें उपस्थित लोगों ने पूर्व सांसद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर लोगों ने उन्हें याद किया। सभा में राजद सहित महागठबंधन के नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
इस अवसर पर राजद नेत्री एवं लोकसभा की पूर्व प्रत्याशी हिना शहाब ने भावुक संबोधन में कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि शहाबुद्दीन आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। उन्होंने कहा, “आप सभी का यह स्नेह मेरे लिए बहुत बड़ी ताकत है और यह बताता है कि आप अपने नेता को कितना प्यार करते हैं।”

पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा कि शहाबुद्दीन की लोकप्रियता से घबराकर उनके खिलाफ साजिश रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्थिव देह को सिवान नहीं आने दिया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन सामाजिक न्याय और कौमी एकता के लिए पूरी तरह समर्पित नेता थे।
पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने उनके मानवीय पहलुओं को उजागर करते हुए एक उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि एक गरीब दलित युवक, जिसके पिता नहीं थे, ने उनसे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन की गुहार लगाई थी। शहाबुद्दीन ने उसकी मदद की और आज वही युवक बिहार राज्य भवन निर्माण विभाग में उच्च पद पर कार्यरत है।

अध्यक्षीय संबोधन में अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि शहाबुद्दीन ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया, चाहे परिस्थितियां कितनी भी विपरीत रही हों। उन्होंने कहा कि वे हमेशा राजद और लालू प्रसाद यादव के प्रति मजबूती से खड़े रहे। वहीं विधान पार्षद विनोद कुमार जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सांप्रदायिक शक्तियों और जातीय उन्माद फैलाने वालों का हमेशा विरोध किया और उनके विचारों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

श्रद्धांजलि सभा में पूर्व मंत्री इंद्रदेव प्रसाद, अधिवक्ता मो. मोबीन, बड़हरिया विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अरुण गुप्ता, गोरियाकोठी के पूर्व प्रत्याशी अनवारूल हक़, जिलाध्यक्ष बिपिन कुशवाहा, कांग्रेस नेता सुशील यादव, वीआईपी के श्रीनिवास यादव, जिला प्रवक्ता उमेश कुमार, महिला नेत्री अनीता राम, कृष्णा देवी, रेनू यादव, सुनीता यादव, सीमा यादव, हरेंद्र सिंह पटेल, शैलेंद्र यादव, प्रो. रविंद्र राय, प्रो. वीरेंद्र यादव, रमेश यादव, कन्हैया यादव, चंद्रमा राम, धनंजय कुशवाहा, रविंद्र यादव उर्फ गब्बर, अमरकांत यादव, अनिल सिंह, महबूब आलम, इंजीनियर शोएब आलम, मो. हन्नान, चंदेश्वर यादव, अदनान अहमद, बब्लू अंसारी, महफूज आलम, चंद्रमा यादव, रियासत नवाज खान, प्रो. महमूद हसन अंसारी, राजकिशोर यादव, सारिक इमाम, अवधेश चौहान, एहतेशामुल हक सिद्दीकी, उमेश यादव, विनोद यादव, पिंकू जायसवाल, राम इकबाल गुप्ता, अशोक गुप्ता, श्रीकांत यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभा का समापन शहाबुद्दीन के विचारों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

पूर्व सांसद डॉ० मो० शहाबुद्दीन की 5वीं पुण्यतिथि पर नई दिल्ली के आईटीओ स्थित स्मारक पर उनके निजी सचिव अरुण कुमार मुन्ना, गुड्डू यादव, राजेश सिंह एवं छोटू श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए।






