दयानंद आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज, विश्व आयुर्वेद परिषद और सिवान योग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ भव्य आयोजन, योगाचार्य डॉ. अखिलेश तिवारी ने कराया अभ्यास
धर्म अध्यात्म डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सिवान।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार 21 जून को दयानंद आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सिवान, बिहार में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। यह आयोजन “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के तहत विश्व आयुर्वेद परिषद बिहार इकाई और सिवान योग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 7:30 बजे योगाचार्य डॉ. अखिलेश तिवारी के नेतृत्व में हुआ। https://youtu.be/iUrKOgZMZO8?si=ImhFuL7khRI5lIDe
करीब एक घंटे तक चले इस विशेष योग सत्र में उपस्थित सभी लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। योगाचार्य डॉ. अखिलेश तिवारी ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन का भी आधार है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन योग करने का आग्रह करते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ, निरोग और ऊर्जावान जीवन जी सकता है।

इस अवसर पर दयानंद आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्राचार्य एवं सलाहकार डॉ. प्रजापति त्रिपाठी, वर्तमान प्राचार्य डॉ. सुधांशु शेखर त्रिपाठी, अधिवक्ता शिवांगी तिवारी ताइक्वांडो गोल्ड मेडलिस्ट, सचिव डॉ. रामानंद पांडेय, प्रोफेसर एवं हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. उपेंद्र कुमार पर्वत, रीडर डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. दुर्गेश कुमार, मेडिकल ऑफिसर डॉ. एस.एन. तिवारी, डॉ. सुबोध कुमार श्रीवास्तव, मनोज पांडेय, वीरेंद्र पाठक, राघवेंद्र उपाध्यक्ष, सुनील सिंह, प्रकाश पांडेय और प्रवीण कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम में योग शिक्षक सुनील कुमार तिवारी, जो एलआईसी ऑफ इंडिया के चेयरमैन क्लब मेंबर हैं, भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ कई गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
पूरे सभागार में उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। प्रतिभागियों ने योगाभ्यास के दौरान अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। आयोजन के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देंगे।

इस आयोजन ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि समाज में योग के महत्व को भी मजबूती से स्थापित किया।






