पटना हाईकोर्ट का सख्त आदेश; DM को 60 दिनों में वैकल्पिक व्यवस्था करने का अल्टीमेटम
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान।
शहर के लिए वर्षों से सिरदर्द बनी ट्रैफिक जाम और गंदगी की समस्या पर अब निर्णायक प्रहार हुआ है। पटना हाईकोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद शहर के बीचों-बीच संचालित दरोगा प्रसाद राय थोक सब्जी मंडी और थोक फल मंडी को दो महीने के भीतर अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। कोर्ट ने जिला पदाधिकारी (DM) सिवान को स्पष्ट निर्देश देते हुए समयसीमा तय कर दी है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

वर्षों के संघर्ष का मिला फल, अधिवक्ताओं की मेहनत लाई रंग
इस फैसले के पीछे अधिवक्ता प्रयाग कुमार और रंजय कुमार की लंबी कानूनी लड़ाई है। दोनों ने शहरवासियों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए इस मुद्दे को न्यायालय तक पहुंचाया। लगातार पैरवी और मजबूत तर्कों के आधार पर अंततः कोर्ट ने उनके पक्ष में निर्णय सुनाया। यह जीत न सिर्फ कानूनी सफलता है, बल्कि नागरिक हित में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
शहर को मिलेगी जाम से राहत, बदलेगी तस्वीर
मंडी के वर्तमान स्थान के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर रोजाना घंटों जाम की स्थिति बनती थी। खासकर सुबह और शाम के समय स्थिति बेहद विकराल हो जाती थी। शिफ्टिंग के बाद मुख्य सड़कों पर यातायात सुगम होगा और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। शहर के प्रवेश द्वारों पर लगने वाले जाम से भी निजात मिलने की उम्मीद है।

गंदगी और बीमारियों पर लगेगा ब्रेक
थोक मंडियों में जमा होने वाले कचरे और सड़ते फल-सब्जियों के कारण आसपास के इलाकों में दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बना रहता था। अब मंडी को शहर से बाहर व्यवस्थित स्थान पर ले जाने से स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी। इससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
व्यापारियों को मिलेगा आधुनिक ढांचा
नई जगह पर मंडी के विकास के साथ व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पार्किंग, शेड, साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और व्यवस्था अधिक संगठित होगी।

प्रशासन के सामने चुनौती: 60 दिन में पूरी करनी होगी प्रक्रिया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन के सामने अब बड़ी जिम्मेदारी है। तय समयसीमा में नई जमीन का चयन, व्यापारियों का पुनर्वास और आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण करना होगा। यदि समय पर कार्य पूरा नहीं हुआ तो प्रशासन को जवाबदेही का सामना करना पड़ सकता है।

‘हर सिवानवासी की जीत’, शहर में खुशी की लहर
कानूनी टीम की ओर से इसे आम जनता की जीत बताया गया है। वर्षों से जाम और गंदगी से जूझ रहे लोगों में इस फैसले को लेकर खुशी का माहौल है। शहर के लोग अब एक साफ-सुथरे और व्यवस्थित सिवान की उम्मीद कर रहे हैं।






