जिलाधिकारी के आदेश पर टीम की कार्रवाई, अमन क्लिनिक, कृष्णा अल्ट्रासाउंड और विकास डायग्नोस्टिक पर ताला
हेल्थ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सीवान।
प्रखंड आंदर क्षेत्र में संचालित तीन निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी, सीवान सदर आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को यह कार्रवाई की। जांच के दौरान तीनों संस्थान अवैध रूप से संचालित पाए गए और कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। https://youtube.com/shorts/Vib4ruz1j_8?si=7Do4K0gKSM0fod_x
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान जिन संस्थानों पर ताला लगाया गया, उनमें गौरा रोड स्थित अमन क्लिनिक, रघुनाथपुर रोड स्थित कृष्णा अल्ट्रासाउंड और विकास डायग्नोस्टिक शामिल हैं। जांच टीम के अनुसार, ये सभी संस्थान स्वास्थ्य विभाग के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे।

जांच में उजागर हुईं कई गंभीर कमियां
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि तीनों प्रतिष्ठान बिना वैध पंजीकरण के चलाए जा रहे थे। द क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2010 की धारा 11, 37 और 38 का साफ उल्लंघन पाया गया। इसके अलावा बिहार क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2013 में निर्धारित प्रक्रियाओं का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
टीम ने पाया कि क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (सेंट्रल गवर्नमेंट) रूल्स, 2012 और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (सेंट्रल गवर्नमेंट) अमेंडमेंट रूल्स, 2018 में निर्धारित न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों के उपचार में अयोग्य कर्मियों को लगाया गया था। आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों का अभाव पाया गया, जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी।
मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़, नियमों की अनदेखी
निरीक्षण के दौरान अपशिष्ट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही भी पाई गई। चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। साथ ही अग्नि सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन पाया गया, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी।

टीम ने पाया कि इन संस्थानों में न तो आपातकालीन सेवाओं की उचित व्यवस्था थी और न ही मरीजों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध थे। प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की कमी के बावजूद मरीजों का इलाज किया जा रहा था, जो न केवल नियमों के खिलाफ है बल्कि मरीजों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी, अवैध संस्थानों पर आगे भी होगी कार्रवाई
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों और जांच केंद्रों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी संस्थान बिना लाइसेंस या मानकों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त अस्पतालों व जांच केंद्रों में ही इलाज कराएं। साथ ही यदि कहीं अवैध रूप से अस्पताल या जांच केंद्र संचालित होने की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की इस सख्ती से स्पष्ट संदेश गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और अवैध संचालन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






