पढ़ें हम, पढ़ाएं हम’ अभियान के तहत नि:शुल्क ट्यूशन भी; पर्यावरण और सामाजिक सेवा में भी सक्रिय संस्था
एजुकेशन डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। बसंतपुर/सिवान:
समाज में शिक्षा और जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में बसंतपुर वेलफेयर फाउंडेशन लगातार सराहनीय प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में नगर पंचायत बसंतपुर स्थित संस्था कार्यालय में स्कूली बच्चों के बीच पठन-पाठन सामग्री का वितरण किया गया। इस पहल से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उनके भीतर पढ़ाई के प्रति नया उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान कॉपी, किताब, पेन समेत अन्य शैक्षणिक सामग्री बच्चों को दी गई। कई ऐसे बच्चे भी शामिल थे जो आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई में पिछड़ रहे थे। संस्था के इस प्रयास ने उनके लिए एक नई उम्मीद जगाई है। ग्रामीणों ने भी इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
संस्था के संस्थापक अजीत श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा सिर्फ संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाए। हर घर तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य है।” उन्होंने बताया कि फाउंडेशन ‘पढ़ें हम, पढ़ाएं हम’ अभियान के तहत विभिन्न गांवों में बच्चों को नि:शुल्क ट्यूशन की सुविधा भी उपलब्ध करा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
शिक्षा के साथ-साथ फाउंडेशन सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से निभा रहा है। संस्था द्वारा समय-समय पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जल संरक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संस्था का मानना है कि स्वच्छ और हरित वातावरण ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है।
इसके अलावा फाउंडेशन बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सेवा के लिए भी कार्यरत है। संस्था के सदस्य समय-समय पर जरूरतमंद बुजुर्गों की सहायता करते हैं, जिससे समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा मिल रहा है।
कार्यक्रम में अशोक राय, रवि कुमार, शालू कुमार, चंदन गुप्ता, शालू मियां सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। यह आयोजन न केवल शिक्षा के प्रसार में सहायक साबित हुआ, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को भी सशक्त करने का एक मजबूत संदेश दे गया।






