सर्विस के नाम पर उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी, पार्ट्स नहीं मिलने और प्रबंधन की लापरवाही का आरोप
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सिवान l
शहर के महादेवा रोड स्थित ओला इलेक्ट्रिक एजेंसी इन दिनों उपभोक्ताओं की नाराजगी का केंद्र बनी हुई है। एजेंसी के बाहर महीनों से खराब हालत में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटरें कंपनी की सर्विस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि सर्विसिंग के लिए जमा की गई गाड़ियां 5 से 6 महीने बाद भी ठीक होकर नहीं मिल रही हैं, जबकि कंपनी और स्थानीय प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया जा रहा है। https://youtu.be/CGd7CMULEuQ?si=J9leNUTwtBZ759ut
मंगलवार को एजेंसी परिसर में पहुंचे कई उपभोक्ताओं ने अपनी परेशानी साझा की। महादेवा निवासी अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने 30 जनवरी 2026 को अपनी गाड़ी सर्विसिंग के लिए जमा की थी, लेकिन आज तक उन्हें गाड़ी वापस नहीं मिली। उन्होंने कहा कि यह उनकी पहली कमाई से खरीदी गई पहली गाड़ी थी, लेकिन खरीदने के कुछ दिनों बाद ही उसमें खराबी आ गई और तब से वह एजेंसी में ही पड़ी हुई है।

अमित कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने कंपनी के कई अधिकारियों और विभागीय लोगों से संपर्क किया, लेकिन कहीं से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि परेशान होकर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी में ग्राहकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
वहीं विदुरतीहाता निवासी गौरव लाल ने बताया कि उनके संपर्क में करीब 100 ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनकी गाड़ियां लंबे समय से एजेंसी के बाहर खराब हालत में खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को न तो उनकी गाड़ी समय पर मिल रही है और न ही कंपनी की ओर से कोई ठोस जानकारी दी जा रही है।
उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि एजेंसी में सर्विस मैनेजर अक्सर मौजूद नहीं रहते। मंगलवार को भी जब कई ग्राहक अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। इससे लोगों में और अधिक नाराजगी देखने को मिली। ग्राहकों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बाद उन्हें इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है, जिससे उनका भरोसा टूट रहा है।
इधर पूरे मामले पर सिवान ओला एजेंसी के क्लस्टर मैनेजर अमन राय ने सफाई देते हुए कहा कि पुरानी मॉडल की गाड़ियों के पार्ट्स उपलब्ध नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई थी। उन्होंने बताया कि वारंटी के तहत पार्ट्स रिकवर करने में भी तकनीकी दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब उस समस्या का समाधान कर लिया गया है।

अमन राय ने कहा कि पुरानी गाड़ियों की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है और धीरे-धीरे ग्राहकों को वाहन वापस दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रवि सिंह सर्विस मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। साथ ही एजेंसी की ओर से नए सर्विस सेंटर के लिए जगह तलाशने का काम भी चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही नया स्थान मिल जाएगा, जिसके बाद एजेंसी के बाहर खड़ी सभी गाड़ियों को वहां शिफ्ट कर व्यवस्थित तरीके से सर्विसिंग की जाएगी।
हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक उन्हें उनकी गाड़ियां सही स्थिति में वापस नहीं मिलतीं, तब तक कंपनी के दावों पर भरोसा करना मुश्किल है। फिलहाल एजेंसी के बाहर खड़ी दर्जनों धूल फांकती गाड़ियां उपभोक्ताओं की परेशानी की गवाही दे रही हैं।






