महिषी अंचल कार्यालय में विशेष निगरानी इकाई की बड़ी कार्रवाई; निजी सहयोगी भी गिरफ्तार, छापेमारी से मचा हड़कंप
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
विकाश कुमार l सहरसा।
महिषी अंचल कार्यालय में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विशेष निगरानी इकाई की टीम ने जमीन की रसीद काटने के नाम पर 16 हजार रुपये रिश्वत लेते एक राजस्व कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारी के निजी सहयोगी को भी टीम ने हिरासत में ले लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच खलबली की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति लंबे समय से जमीन की रसीद कटवाने के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि संबंधित राजस्व कर्मचारी द्वारा काम करने के एवज में 16 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। लगातार दबाव बनाए जाने के बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत विशेष निगरानी इकाई से की। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की तैयारी की। तय रणनीति के तहत पीड़ित को केमिकल लगे नोट दिए गए और उसे कर्मचारी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने तत्काल छापेमारी करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के निजी सहयोगी को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जो कथित तौर पर पूरे लेन-देन में सहयोग कर रहा था।
छापेमारी की खबर मिलते ही महिषी अंचल कार्यालय में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई कर्मचारी इधर-उधर निकलते दिखाई दिए, जबकि आम लोगों की भीड़ कार्यालय परिसर में जमा हो गई। लोगों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। निगरानी टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों में व्याप्त रिश्वतखोरी आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। जमीन, दाखिल-खारिज, रसीद कटवाने और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में अक्सर लोगों को परेशान किया जाता है। ऐसे में निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मियों में डर का माहौल बनेगा और आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
इधर, निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाया जा सकेगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर विभागीय और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।






