Gopalganj: पंचायत सचिव पर डीएम की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की योजनाओं में गड़बड़ी, सेवा से किया गया बर्खास्त

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मजदूरी भुगतान में अनियमितता, राशि दुरुपयोग और आदेशों की अवहेलना साबित; विभागीय जांच के बाद डीएम ने जारी किया आदेश

सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

कृष्ण मुरारी पांडेय l पटना/गोपालगंज

जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव अभय कुमार गुप्ता को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला पदाधिकारी-सह-समाहर्ता पवन कुमार सिन्हा ने विभागीय कार्यवाही पूरी होने के बाद यह कड़ा फैसला लिया। बर्खास्त किए गए पंचायत सचिव भोरे प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित थे, जिनका मुख्यालय विजयीपुर बताया गया है।

जानकारी के अनुसार पंचायत सचिव पर योजना मद की राशि के दुरुपयोग, पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य में मजदूरों के भुगतान में अनियमितता, मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना में विद्युत विपत्र भुगतान में लापरवाही तथा बिना सूचना कार्यालय से अनुपस्थित रहने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने पहले उन्हें निलंबित किया था और बाद में विभागीय जांच शुरू कराई गई।

जिला प्रशासन द्वारा विभागीय जांच के लिए अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, गोपालगंज को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था। वहीं, भोरे के प्रखंड विकास पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी बनाया गया। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों, योजनाओं के अभिलेखों और विभिन्न साक्ष्यों की गहन समीक्षा की गई।

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जांच प्रतिवेदन में पंचायत सचिव पर लगाए गए पांच आरोपों में से चार आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि योजना राशि के उपयोग में गंभीर वित्तीय अनियमितता बरती गई। पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद मजदूरों के भुगतान में गड़बड़ी की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना के तहत बिजली बिल भुगतान में भी लापरवाही सामने आई।

जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि पंचायत सचिव लगातार बिना सूचना अनुपस्थित रहते थे और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते थे। लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं करना भी उनके खिलाफ दर्ज आरोपों में शामिल रहा। प्रशासन ने इसे सरकारी कार्यों के प्रति शिथिलता और गंभीर लापरवाही माना।

रिपोर्ट में कहा गया कि पंचायत सचिव का आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल पाया गया। इसके बाद जिला पदाधिकारी ने विभागीय कार्यवाही से जुड़े सभी अभिलेखों, कारण पृच्छा, जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की।

समीक्षा के बाद बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के तहत कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव अभय कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया।

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