Siwan News: हसनपुरा में बाल श्रम पर बड़ी कार्रवाई: होटल और फास्ट फूड दुकानों से दो बच्चे मुक्त

Share

जिला प्रशासन और श्रम विभाग की संयुक्त छापेमारी, संचालकों पर एफआईआर का निर्देश

क्राइम डेस्क l केएमपी भारत l पटना

कृष्ण मुरारी पांडेय l सीवान l जिले में बाल श्रम के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को हसनपुरा प्रखंड में बड़ी कार्रवाई की। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन, सिवान के निर्देश पर गठित धावा दल ने स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। दोनों बच्चों को आगे की देखरेख और संरक्षण के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सुपुर्द कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, हसनपुरा बाजार स्थित “अपना भोजनालय” और “शिवानी बिरयानी एंड अंडा रोल” नामक प्रतिष्ठानों में नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की सूचना प्रशासन को मिली थी। इसके बाद श्रम विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। जांच के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिक कार्य करते पाए गए, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चों को वहां से मुक्त कराया गया।

इस विशेष अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हसनपुरा विशाल कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बसंतपुर सिद्धार्थ पराशर तथा श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी दरौंदा सौरभ सुमन शामिल रहे। इनके अलावा एमएच नगर, हसनपुरा थाना के पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल भी अभियान में मौजूद रहे। टीम ने मौके पर आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करते हुए बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में भेजा।

प्रभारी श्रम अधीक्षक, सिवान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित नियोजकों के विरुद्ध शीघ्र प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। साथ ही श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, हसनपुरा को आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बाल श्रम निषेध कानून के तहत दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

- Sponsored -

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन बाल श्रम उन्मूलन को लेकर लगातार अभियान चला रहा है। होटल, ढाबा, भोजनालय, गैराज और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की शिकायतों पर विशेष नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अपराध है और इसके खिलाफ समाज के सभी वर्गों को जागरूक होने की जरूरत है।

प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं बच्चों से मजदूरी या काम कराए जाने की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तुरंत श्रम विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों का स्थान स्कूल और शिक्षा के वातावरण में होना चाहिए, न कि होटलों और दुकानों में मजदूरी करते हुए।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930