Statue Vandalism: रहस्यमय स्थिति में देर रात में टूटी सिवान के गोपालगंज मोड़ पर लगी शहीद चंद्रशेखर की मूर्ति, माले ने उठाए सवाल

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सीसीटीवी फुटेज में घटना स्पष्ट नहीं, ओवरलोड ट्रक या साजिश—दोनों एंगल पर जांच की मांग

सेंट्रल डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l सिवान |

शहर के गोपालगंज मोड़ पर स्थित जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और शहीद कॉमरेड चंद्रशेखर की प्रतिमा मंगलवार देर रात रहस्यमय परिस्थितियों में टूट कर नीचे गिर गई। घटना की जानकारी रात करीब 10:30 बजे स्थानीय लोगों के माध्यम से भाकपा माले के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को मिली, जिसके बाद इलाके में हलचल मच गई। बुधवार को इस मामले में भाकपा माले ने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

भाकपा माले के जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सूचना मिलते ही वे अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि प्रतिमा जमीन पर गिरी हुई थी और पास में एक केबल तार भी टूटा हुआ पड़ा था। प्रथम दृष्टया यह आशंका जताई जा रही है कि किसी ओवरलोड वाहन में केबल फंसने के कारण प्रतिमा गिर गई हो सकती है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखी स्पष्ट तस्वीर

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घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, लेकिन फुटेज में घटना का स्पष्ट दृश्य सामने नहीं आ पाया। चौरसिया ने आरोप लगाया कि फुटेज में सब कुछ सामान्य दिख रहा है, लेकिन जिस समय प्रतिमा गिरी, उस क्षण की कोई स्पष्ट तस्वीर नहीं मिल रही है। इससे घटना को लेकर संदेह और गहरा गया है। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी खामी है या जानबूझकर कुछ छिपाया जा रहा है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

माले ने जताई साजिश की आशंका

भाकपा माले ने इस घटना को लेकर साजिश की आशंका भी जताई है। चौरसिया ने कहा कि हाल के दिनों में महापुरुषों की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ी हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश हो सकती हैं, इसलिए मामले की गंभीरता से जांच जरूरी है।

प्रशासन पर उठे सवाल, जल्द कार्रवाई की मांग

माले नेताओं ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो घटना का स्पष्ट पता क्यों नहीं चल पाया। उन्होंने मांग की कि प्रशासन जल्द से जल्द पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

फिलहाल प्रतिमा को किया गया पुनः स्थापित

स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं की मदद से फिलहाल प्रतिमा को उसी स्थान पर खड़ा कर दिया गया है। चौरसिया ने बताया कि आने वाले समय में यहां एक आदमकद और मजबूत प्रतिमा स्थापित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन से पारदर्शी जांच की उम्मीद कर रहे हैं।

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