Illegal Hospitals: मैरवा में अवैध हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई: 7 संस्थान सील, गंभीर अनियमितताएं उजागर

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बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे थे अस्पताल, अयोग्य कर्मियों से इलाज और सुरक्षा मानकों की अनदेखी; प्रशासन सख्त

हेल्थ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता। मैरवा (सिवान):
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर सिवान प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रखंड मैरवा में संचालित सात निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को सील कर दिया। यह कार्रवाई 13 अप्रैल 2026 को जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी सिवान सदर आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई।

सील किए गए संस्थानों में साई चिकित्सालय, माँ वैष्णो हॉस्पिटल, सुरक्षा पैथोलॉजी सेंटर, सुगान्ती राज हॉस्पिटल, माँ निशा हॉस्पिटल, स्टार साईन हॉस्पिटल और कृष्णा सीटी स्कैन एवं अल्ट्रासाउंड शामिल हैं। जांच के दौरान इन सभी प्रतिष्ठानों में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इन्हें बंद कर सील कर दिया।

बिना पंजीकरण के चल रहे थे संस्थान
जांच टीम ने पाया कि अधिकांश हॉस्पिटल बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। The Clinical Establishment (Registration and Regulation) Act, 2010 की धारा 11, 37 और 38 का स्पष्ट उल्लंघन किया जा रहा था। इसके अलावा Bihar Clinical Establishment Rules, 2013 के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन भी नहीं किया जा रहा था।

न्यूनतम मानकों की अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया कि Clinical Establishments (Central Government) Rules, 2012 एवं उसके 2018 संशोधन में निर्धारित न्यूनतम सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। अस्पतालों में न तो पर्याप्त चिकित्सा उपकरण थे और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने की समुचित व्यवस्था।

अयोग्य कर्मियों से इलाज, मरीजों की जान जोखिम में
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि कई जगहों पर अयोग्य और अप्रशिक्षित कर्मियों द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा था। इससे मरीजों की जान को सीधा खतरा था। जीवन रक्षक उपकरणों की कमी और चिकित्सकीय मानकों की अनदेखी ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया।

अपशिष्ट प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा में भारी लापरवाही
टीम ने पाया कि बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल परिसर में गंदगी और अव्यवस्था फैली हुई थी। साथ ही, अग्नि सुरक्षा के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि आगे भी इस तरह की जांच अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में संतोष देखा गया। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इन अस्पतालों में मनमानी चल रही थी और गरीब मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा था। प्रशासन की इस पहल से अब स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है।

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