पुलिस टीम पर फायरिंग मामले में भी था नामजद
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान।
जिले में चर्चित दोहरे हत्याकांड और पुलिस टीम पर फायरिंग मामले में फरार चल रहे नामजद अभियुक्त ने आखिरकार पुलिस की लगातार दबिश और छापेमारी से दबाव में आकर सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। सीवान पुलिस ने इसे बड़ी सफलता माना है।
पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के अंदर ढाला के समीप 29 अप्रैल 2026 को सड़क पर साइड लेने को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। इस घटना में अज्ञात अपराधियों ने दो लोगों को गोली मार दी थी। गोली लगने से हरि सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल चंदन सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना में कांड संख्या-474/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक, सीवान के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।
जांच के दौरान पुलिस ने इस कांड में शामिल अभियुक्त छोटू यादव और सुनील यादव को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, अभियुक्त सोनू यादव की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें सोनू यादव घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि छोटू यादव की गिरफ्तारी के दौरान उसके सहयोगियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। इस मामले में गुड्डू यादव, पिता-सुरेंद्र यादव, निवासी सरैया टोला चरखापुर, थाना-हुसैनगंज, जिला-सीवान की संलिप्तता उजागर हुई। इसके बाद हुसैनगंज थाना में कांड संख्या-176/26 दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।
सीवान पुलिस द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी और संभावित गिरफ्तारी के दबाव के कारण नामजद अभियुक्त गुड्डू यादव ने 18 मई 2026 को हुसैनगंज थाना कांड संख्या-176/26 में न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब नगर थाना कांड संख्या-474/26 में अभियुक्त को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। साथ ही पूरे घटनाक्रम और अपराध में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी।






