साइबर थाना की छापेमारी में लैपटॉप, आईरिस स्कैनर और डेबिट कार्ड बरामद
चैनपुर हत्याकांड में नामजद आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजा गया
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सिवान।
जिले में अपराध और साइबर फर्जीवाड़े के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। एक ओर साइबर थाना की टीम ने फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, वहीं दूसरी ओर चैनपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड के एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर क्राइम सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) पटना से प्राप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि बसंतपुर थाना क्षेत्र के जानकी नगर बाजार स्थित एक डिजिटल सेंटर में आधार कार्ड समेत विभिन्न सरकारी प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर क्राइम शाखा की विशेष टीम गठित की गई।

डिजिटल सेंटर में चल रहा था फर्जीवाड़े का नेटवर्क
8 मई को पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) के नेतृत्व में गठित टीम ने जानकी नगर बाजार स्थित “शिवम डिजिटल सेंटर” में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद बसंत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी गैर-सरकारी वेबसाइटों और तकनीकी उपकरणों की मदद से सरकारी दस्तावेजों की नकली प्रतियां तैयार कर रहा था।
छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री बरामद की। इनमें एक मॉनिटर, छह लैपटॉप, दो माउस, दो फिंगर स्लैब डिवाइस, दो आईरिस स्कैनर, दो हार्ड डिस्क, तीन पेन ड्राइव, एक एंड्रॉयड मोबाइल और छह डेबिट कार्ड शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल फर्जी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करने में किया जा रहा था।
इस मामले में साइबर थाना, सिवान में कांड संख्या 30/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा कितने लोगों के दस्तावेज फर्जी तरीके से बनाए गए।

शादी समारोह में मारपीट के बाद हुई थी युवक की मौत
इसी बीच चैनपुर थाना क्षेत्र के नरई गांव में हुए हत्याकांड में भी पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार, 7 और 8 मई की रात एक विवाह समारोह के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया था। इस घटना में लक्ष्मीपुर निवासी मनीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के परिजनों के आवेदन पर चैनपुर थाना में हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी राहुल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नरई गांव का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस ने कहा- अपराधियों पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में साइबर अपराध, फर्जीवाड़ा और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक श्री झा ने स्पष्ट किया कि आम लोगों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।






