सैकड़ों लोगों की भागीदारी, शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अंबेडकर स्मृति पार्क में सभा में तब्दील; जगह-जगह हुआ स्वागत
धर्म-अध्यात्म डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान।
भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को सिवान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। https://youtu.be/JOVb3Llt88U?si=5m2CmTykvLUNEXmH
सुबह से ही शहर का माहौल उत्सवमय हो गया था और “जय भीम” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। डॉ अंबेडकर जयंती समारोह समिति सह अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ, सिवान के तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सुबह 7:30 बजे बीएमएचई सिवान परिसर से गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई। यात्रा में शामिल लोग बाबा साहेब के चित्र और झंडे लेकर चल रहे थे। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और डीजे की धुन पर युवा झूमते नजर आए। महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल हुए, जिससे पूरे आयोजन में सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिली।
यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों—जेपी चौक, बबुनिया मोड़, सिवान रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज, डीएवी मोड़ और नगर थाना मार्ग—से होते हुए पुनः जेपी चौक पहुंची। इसके बाद यात्रा गोपालगंज मोड़ स्थित डॉ अंबेडकर स्मृति पार्क पहुंचकर एक विशाल सभा में तब्दील हो गई। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कई जगहों पर शरबत, पानी और नाश्ते की व्यवस्था की गई थी, जिससे लोगों को राहत मिली।

शोभायात्रा के नेतृत्व कर्ता डॉ अंबेडकर जयंती समारोह समिति सह अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार रंजन और अधिवक्ता गणेशाराम उर्फ ज्ञान रत्न ने बाबा साहेब के विचारों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया और उनका जीवन आज भी प्रेरणा का स्रोत है।

आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल जयंती मनाना नहीं, बल्कि बाबा साहेब के विचारों—समानता, शिक्षा और अधिकार—को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारी, समाजसेवी और आमजन बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पूरे शोभा यात्रा के दौरान प्रशासन भी सतर्क नजर आया। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी। ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

कुल मिलाकर, सिवान में निकली यह शोभायात्रा सामाजिक एकता, जागरूकता और बाबा साहेब के प्रति सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आई।






