KMP EXCLUSIVE: अब सिवान में पीसीआर से होगी टीबी की पहचान, बिना लक्षण वाले मरीज भी आएंगे पकड़ में

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बिहार में पहली बार सिवान सदर अस्पताल में शुरू होगी अत्याधुनिक जांच सुविधा, टीबी उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम

हेल्थ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

कृष्ण मुरारी पांडेय। सीवान।

भारत सरकार के टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति देने की दिशा में सिवान सदर अस्पताल एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। अब यहां पीसीआर (Polymerase Chain Reaction) तकनीक के माध्यम से टीबी की जांच शुरू की जाएगी। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि ऐसे मरीजों की भी पहचान संभव हो सकेगी, जिनमें टीबी के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन वे इस गंभीर बीमारी से संक्रमित होते हैं।

सीडीओ डॉ. अशोक कुमार के अनुसार, अभी तक टीबी की पहचान मुख्य रूप से बलगम जांच, एक्स-रे और अन्य पारंपरिक तरीकों से की जाती रही है। हालांकि, इन तरीकों में कई बार शुरुआती या बिना लक्षण वाले मरीजों की पहचान नहीं हो पाती थी। ऐसे मरीज समाज में अनजाने में संक्रमण फैलाने का कारण बनते हैं। पीसीआर जांच इस कमी को दूर करेगी, क्योंकि यह तकनीक बेहद संवेदनशील होती है और बहुत कम मात्रा में मौजूद बैक्टीरिया को भी पहचान सकती है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह सुविधा टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगी। भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत हर जिले में बेहतर जांच और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सिवान में पीसीआर जांच की शुरुआत इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

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सदर अस्पताल में इस नई तकनीक के लिए विशेष लैब तैयार की गई है, जहां प्रशिक्षित तकनीशियन और विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे। इसके साथ ही, मरीजों को रिपोर्ट भी कम समय में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे इलाज में देरी नहीं होगी।

स्थानीय लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे जिले के हजारों संभावित मरीजों को समय पर पहचान और उपचार मिल सकेगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग, जो अक्सर लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, उन्हें इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की आधुनिक तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ाया जाए, तो टीबी जैसी घातक बीमारी पर जल्द ही काबू पाया जा सकता है। सिवान में पीसीआर जांच की शुरुआत न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए एक मॉडल के रूप में सामने आएगी।

इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इस सुविधा का विस्तार होगा और टीबी उन्मूलन अभियान को नई दिशा मिलेगी।

क्या कहते हैं सिवान के संचारी रोग पदाधिकारी

सिवान के संचारी रोग पदाधिकारी (यक्ष्मा नियंत्रण), सिवान डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि फिलहाल पूरे बिहार में यह सुविधा सबसे पहले सिवान में शुरू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक जांच प्रणाली के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

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